जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति के काजा क्षेत्र के सेवानिवृत्त जेबीटी अध्यापक सरकार से मिलने वाले मेडिकल लाभ से वंचित हैं। सेवानिवृत्त अध्यापकों के अनुसार मेडिकल बिल किस पेंच में फंसे हुए हैं, ये बात समझ से परे है। काजा के सेवानिवृत्त जेबीटी अध्यापकों ने मांगों को मनवाने के लिए मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से गुहार लगाई है।
काजा से संबंध रखने वाले सेवानिवृत्त जेबीटी अध्यापक छेरिंग वंज्ञाल, फुंचोग छेरिंग, टशी छुपेल, सोनम टशी और हिशे डोलमा का कहना है कि चार सालों से सरकार मेडिकल बिलों का भुगतान नहीं कर पा रही है। जो उनके साथ सरकार द्वारा अन्याय किया जा रहा है। वर्ष 2012 और 2013 आंखों का ऑपरेशन और बीमारी का इलाज करवाया गया। बीमारी का मेडिकल बिल सिर्फ 50 हजार रुपये बनता है। जिसका भुगतान नहीं किया जा रहा है। कई बार सरकार से मिलने वाले इस लाभ के लिए बीपीईओ कार्यालय के चक्कर काटे गए, लेकिन उन्हें सरकार ने पैसा नहीं आना जवाब मिलता रहा। यह उनके साथ अन्याय हो रहा है। उन्होंने सरकार से इस बारे के बजट में डालकर मेडिकल बिलों का भुगतान करने की गुहार लगाई है।