सैंज में देवी माता आशापुरी महामाई का दर्शन करते लोग। संवाद
सैंज (कुल्लू)। घाटी की रैला की अधिष्ठात्री देवी माता आशापुरी महामाई 12 साल के लंबे अंतराल के बाद अपने देवालय से बागी शियाड़ी के लिए रवाना हुईं। शनिवार को शैंशर की तलियाहरा कोठी होते हुए भगवती आशापुरी अपने सैकडों देवलुओं के लाव लश्कर के साथ शाम को बागी शियाड़ी पहुंचीं।
देवी भगवती के कारदार कली राम और टीकम राम ने बताया कि भगवती का यह दौरा 12 वर्ष बाद नवरथ के निर्माण के बाद हुआ है। माता अब यहां शक्तियां अर्जित करेंगी। माता का रथ मनु मंदिर भी शैंशर, तुंग व तलियाहरा होकर बागी शियाडी पहुंचा और रास्ते में माता आशापुरी कर मनु ऋषि और माता शतरूपा से मिलन हुआ। एक मार्च को भगवती आशापुरी अपने मूल स्थान बागी शियाड़ी में शक्तियां अर्जित करने की रस्म को निभाएगी। संवाद