कुल्लू में वसंत पंचमी पर निकली भगवान रघुनाथ की शोभायात्रा में पहुंचे लोग।
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कुल्लू। अधिष्ठाता भगवान रघुनाथ की नगरी कुल्लू में मंगलवार को वसंत पंचमी का पर्व कोरोना के बीच धूमधाम से मनाया गया। अपने देवालय रघुनाथपुर से लाव-लश्कर के साथ भगवान रघुनाथ दोपहर पौने एक बजे ढालपुर की ओर रवाना हुए। लोगों ने भगवान का फूलों से स्वागत किया। दोपहर बाद भगवान रघुनाथ ढालपुर के रथ मैदान पहुंचे। यहां पर भगवान रघुनाथ की एक झलक पाने के लिए श्रद्धालु उमड़ पड़े।
पुलिस जवानों को लोग पीछेे हटाने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। दोपहर 12 बजे तक मैदान में काफी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए थे। इसके बाद रघुनाथ को उनके रथ में बिठाया और उनकी पूजा हुई। इसके बाद भक्त हनुमान अपने स्वामी श्रीराम से मिलने आए। हनुमान ने अपने आराध्य के चरणों में शीश नवाकर परिक्रमा की। 1.50 बजे भगवान रघुनाथ की रथयात्रा शुरू हुई। रथयात्रा से पहले राजपरिवार के सदस्यों सहित निशानदारों ने रथ की सात बार परिक्रमा पूरी की। रघुनाथ अपने रथ में सवार होकर अस्थायी शिविर की ओर बढ़े। जयश्रीराम का उद्घोष होते ही रथ खींचने के लिए सैकड़ों श्रद्धालु उमड़ पडे। वसंत पंचमी के लिए रथ मैदान में मंगलवार को सैकड़ों लोग पहुंचे थे। कोरोना के बाद वसंत पंचमी का पर्व बदला हुआ नजर आया। लेकिन कुछ ही दूरी पर तक चलने के बाद भगवान रघुनाथ की रथयात्रा रुक गई। यहां भगवान रघुनाथ से मिलने उनके भाई भरत आए। 1 बजकर 56 मिनट पर राम और भरत मिलन हुआ। राम-भरत मिलने की परंपरा के बाद रघुनाथ का रथ आगे बढ़ा। इस दौरान जय श्रीराम के जयघोष से रघुनाथ की नगरी गूंज उठी। इसके करीब 17 मिनट के बाद रघुनाथ अपने अस्थायी शिविर पहुंचे। शिविर में विराजमान होने के बाद यहां भजन-कीर्तन का दौर शुरू हुआ। महिलाओं ने भजन-कीर्तन से माहौल को भक्तिमय बना दिया।
वीडियो रिकार्डिंग करने की रही होड़
वसंत पंचमी पर ढालपुर मैदान में कोरोना के बीच सैकड़ों लोग इकट्ठा हुए। इस दौरान लोगों में अपने मोबाइल में वीडियो रिकार्डिंग की होड़ रही। लोगों ने वसतं पंचमी के इस शानदार दृश्य को अपने मोबाइल कैमरों में रिकॉर्ड किया।
अस्थायी शिविर में भगवान रघुनाथ की पूजा-अर्चना
भगवान रघुनाथ की अस्थायी शिविर में भी पूजा-अर्चना हुई। भगवान रघुनाथ के मुख्य छड़ीबरदार महेश्वर सिंह ने गुलाल फेंककर कुल्लू में 40 दिन पहले ही होली का आगाज किया। श्रद्धालुओं ने भगवान रघुनाथ के समक्ष शीश नवाकर सुख-शांति की कामना की। इस दौरान श्रद्धालुओं को यहां पर तैयार किया गया प्रसाद भी बांटा गया। सुरक्षा व्यवस्था के लिए परिसर में आईटीबीपी के जवान मुख्य गेट पर ही ड्यूटी में नजर आए। सभी देवपरंपराओं का निर्वहन करने के बाद शाम होते ही भगवान रघुनाथ अपने देवालय लौट गए।