मनाली (कुल्लू)। शहरी विकास विभाग की लेटलतीफी मनाली के विकास पर भारी पड़ रही है। नगर परिषद मनाली के अध्यक्ष पद के लिए होने वाला चुनाव लंबा खिंचता जा रहा है। चुनाव के लिए मनोज लारजे की ओर से अध्यक्ष पद को लेकर किए नामांकन पर दर्ज आपत्ति पर अभी कोई फैसला नहीं हुआ है। ऐसे में मनाली का विकास राजनीति के चक्रव्यूह में फंस गया है।
26 अक्तूबर को मनाली नगर परिषद अध्यक्ष पद के चुनाव प्रक्रिया को लेकर शिकायत की गई थी। इसके बाद चुनाव प्रक्रिया पर रोक लगा दी गई थी। अभी तक शहरी विकास विभाग की ओर से चुनाव प्रक्रिया को लेकर कोई फैसला नहीं दिया गया है।। वहीं, उपाध्यक्ष पद पर अभी भी संशय बना हुआ है।
नगर परिषद के उपाध्यक्ष मनोज लारजे ने 17 अक्तूबर को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। साथ ही उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव भी लाया गया है। इन दोनों ही मामलों में शहरी विकास विभाग ने कोई कार्रवाई अभी तक नहीं की है। इस्तीफा मंजूर हुआ या नहीं इसकी जानकारी नगर परिषद या चुनाव अधिकारी एवं एसडीएम तक नहीं पहुंची। न ही अविश्वास प्रस्ताव को लेकर दिशा निर्देश मिले हैं।
ऐसे में अब नगर परिषद के दोनों पदों पर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। 26 अक्तूबर को अध्यक्ष पद के चुनाव के दौरान मनोज ने अध्यक्ष पद के लिए नामांकन भरा था। उनके नामांकन पर आपत्ति जताई गई कि वह उपाध्यक्ष पद पर रहते अध्यक्ष का चुनाव नहीं लड़ सकते हैं। चुनाव अधिकारी ने इस शिकायत को पुष्टि के लिए शहरी विकास विभाग को भेजा है। मगर अभी तक इसका जवाब नहीं आया है।
कुछ लोगों ने यह रचा षड्यंत्रः चमन कपूर
नगर परिषद के पूर्व अध्यक्ष चमन कपूर ने 26 अक्तूबर को ही कहा था कि उन्होंने पार्टी के आला नेता से भी बात की। मामला आपसी सहमति से हल करने के लिए कहा गया, लेकिन बात नहीं बनी। शहर के एक व्यक्ति के इशारे पर कुछ लोगों ने यह षड्यंत्र रचा है। उन्होंने प्रदेश और केंद्र स्तर तक इसके पत्र भेजे हैं।
दबाव में लटकाया जा रहा चुनाव : मनोज
मनोज लारजे का कहना है कि नगर परिषद चुनाव को राजनीतिक दबाव के चलते लटकाया जा रहा है। नामांकन को लेकर जताई आपत्ति पर 72 घंटे में फैसला आने की बात कही गई थी। लेकिन अभी फैसला नहीं आया। लोगों की मांग और मनाली के विकास के लिए यह कदम उठाया गया था। यह पूरी तरह से गैर राजनीतिक कदम था।
अभी तक शहरी विकास विभाग से कोई फैसला नहीं आया है। जैसे ही उन्हें सूचना मिलती है उसी तरह से आगामी कार्रवाई की जाएगी।
-रमण शर्मा, चुनाव अधिकारी