मनाली (कुल्लू)। 26 अक्तूबर को मनाली नगर परिषद अध्यक्ष पद का चुनाव लटकने के बाद कोई कार्रवाई नहीं हुई है। नगर परिषद में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष दोनों पद रिक्त चल रहे हैं। दोनों पद शहर के विकास और जनता के रोजमर्रा के कामों के लिए अति महत्वपूर्ण हैं।
इस पूरे घटनाक्रम में राजनीति का शिकार होने के चलते मनाली की जनता पिस रही है। मनाली के 7 वार्डों में होने वाले विकास कार्य भी ठप पड़े हैं। विवादों में फंसे नगर अध्यक्ष पद एवं उपाध्यक्ष पद रिक्त होने से मनाली के मॉलरोड के सौंदर्यीकरण का काम भी लटक गया है। ऐसे में जनता रोजमर्रा के कामों के लिए इधर-उधर भटकने को मजबूर है। शहर में सब जगह अव्यवस्था का आलम दिखाई दे रहा है। सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर परिषद मनाली में जो राजनीतिक घटनाक्रम हुआ है, उसमें भाजपा की फूट का नतीजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। दूसरी ओर, कांग्रेस पार्टी भी अपने दो पार्षदों के सहारे भाजपा समर्थित पार्षदों को लेकर अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद हथियाने के लिए सक्रिय हो गई है। चर्चा है कि इसी का परिणाम है कि चुनावों को लेकर सरकार की ओर से इस मामले में देरी की जा रही है। उधर, एसडीएम मनाली एवं चुनाव अधिकारी रमण कुमार शर्मा ने कहा कि नप मनाली के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पदों पर चुनावों को लेकर विभाग से अभी कोई अपडेट नहीं आई है। 26 अक्तूबर को अध्यक्ष पद पर चुनाव लड़ने वाले नप मनाली के पूर्व उपाध्यक्ष मनोज लारजे ने कहा कि पूरे मामले का राजनीतिकरण हो रहा है। इसलिए सरकार जानबूझ कर मामले को लटका रही है।