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मनाली में महाजाम! पलचान-ओल्ड मनाली सड़क पर भी थमे वाहनों के पहिये; रोहतांग के लिए कोकसर से भी परमिट अनिवार्य

Tue, 09 Jun 2026 12:23 PM IST
Ankesh Dogra संवाद न्यूज एजेंसी, सोलंगनाला/केलांग (लाहौल-स्पीति)।

सार

मनाली में पर्यटन सीजन के चलते अटल टनल-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग पर लग रहे लंबे जाम से बचने के लिए वाहन चालक पलचान-ओल्ड मनाली सड़क का रुख कर रहे हैं। इससे इस वैकल्पिक मार्ग पर भी भारी जाम लग रहा है और स्थानीय लोगों व पर्यटकों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। पढ़ें पूरी खबर...
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मनाली में जाम। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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अटल टनल से मनाली तक राष्ट्रीय राजमार्ग पर रोजाना लग रहे लंबे ट्रैफिक जाम से बचने के लिए वाहन चालक अब पलचान-ओल्ड मनाली सड़क का सहारा ले रहे हैं। लेकिन इस संपर्क मार्ग पर यातायात नियंत्रण के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात न होने से यहां भी जाम की समस्या गंभीर होती जा रही है। संकरी सड़क पर वाहनों का दबाव बढ़ने से स्थानीय लोगों, स्कूली बच्चों और पर्यटकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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मनाली क्षेत्र में पर्यटन सीजन के चलते मुख्य हाईवे पर लगातार यातायात दबाव बढ़ रहा है। ऐसे में बड़ी संख्या में वाहन चालक वैकल्पिक मार्ग के रूप में पलचान-ओल्ड मनाली सड़क का उपयोग कर रहे हैं। परिणामस्वरूप इस मार्ग पर भी वाहनों की लंबी कतारें लग रही हैं और लोगों को घंटों तक जाम में फंसे रहना पड़ रहा है।



स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सड़क मुख्य रूप से आसपास के गांवों की आवाजाही और आपातकालीन सेवाओं के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन बाहरी वाहनों की बढ़ती संख्या के कारण यहां आए दिन जाम की स्थिति बन रही है। इससे ग्रामीणों की दैनिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं, वहीं स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।

गांव कमेटी शनाग के प्रधान कर्मा ने प्रशासन से मांग की है कि पलचान पुल और नेहरूकुंड पुल से इस सड़क पर अनावश्यक वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित किया जाए। उन्होंने सुझाव दिया कि इस मार्ग पर केवल स्थानीय निवासियों, होटल बुकिंग वाले पर्यटकों और आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहनों को ही अनुमति दी जाए, ताकि स्थानीय लोगों को राहत मिल सके। स्थानीय निवासी वेद राम ने भी प्रशासन से जल्द प्रभावी कदम उठाने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते व्यवस्था नहीं की गई तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।

उधर, डीएसपी केडी शर्मा ने बताया कि इस वर्ष पर्यटन सीजन के दौरान अतिरिक्त पुलिस जवान उपलब्ध नहीं हो पाए हैं। इसके बावजूद पुलिस उपलब्ध संसाधनों के साथ यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने का प्रयास कर रही है।
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रोहतांग जाने के लिए अब कोकसर से भी लेना होगा परमिट
रोहतांग दर्रा की यात्रा करने वाले पर्यटकों और वाहन चालकों को अब कोकसर मार्ग से भी ऑनलाइन परमिट लेना अनिवार्य होगा। पर्यटन विभाग लाहौल-स्पीति ने राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) के आदेशों के अनुपालन में यह व्यवस्था लागू कर दी है। इसके साथ ही अब मनाली की ओर से गुलाबा के अलावा कोकसर चेकपोस्ट से भी परमिट जांच की जाएगी।

जिला पर्यटन विकास अधिकारी कुनिका एकर्स ने बताया कि रोहतांग जाने वाले सभी पर्यटकों और वाहन चालकों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत पहले से ऑनलाइन परमिट प्राप्त करना होगा। बिना वैध परमिट किसी भी वाहन को रोहतांग पास की ओर जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

उन्होंने बताया कि एनजीटी के निर्देशों के तहत रोहतांग दर्रे के लिए प्रतिदिन अधिकतम 1200 वाहनों की सीमा निर्धारित की गई है। पर्यावरण संरक्षण और यातायात प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए केवल तय सीमा के भीतर ही वाहनों को अनुमति दी जाती है। निर्धारित संख्या पूरी होने के बाद किसी भी अतिरिक्त वाहन को प्रवेश नहीं मिलेगा।

जिला पर्यटन विकास अधिकारी ने स्पष्ट किया कि यदि कोई पर्यटक बिना परमिट के कोकसर मार्ग से रोहतांग जाने का प्रयास करता है तो उसे पुलिस चेक पोस्ट पर ही रोक दिया जाएगा। इससे यात्रियों को अनावश्यक असुविधा और समय की बर्बादी का सामना करना पड़ सकता है।

उन्होंने सभी पर्यटकों और वाहन चालकों से अपील की कि वे निर्धारित वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर समय रहते परमिट प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था का उद्देश्य रोहतांग क्षेत्र में अनियंत्रित वाहनों की भीड़ को रोकना, पर्यावरण संरक्षण सुनिश्चित करना और पर्यटकों को सुरक्षित व व्यवस्थित यात्रा सुविधा उपलब्ध कराना है।
 
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