ऊझी घाटी की बुरुआ पंचायत के शिलिंग नाले में वीरवार देर शाम बादल फटने से सेब के बगीचों को भारी नुकसान पहुंचा है। भारी बारिश के बााद बादल फटने से नाले का जल स्तर बढ़ गया और नाले ने अपना रास्ता बदल लिया। मलबा और पानी सीधे सेब के बगीचों में घुस गया। देखते ही देखते बगीचे मलबे और पानी की चपेट में आ गए। जिसमें 127 सेब के पेड़ इस बाढ़ में बह गए। कई स्थानों पर बगीचे मलबे में दब गए हैं। नाले पर बनी एक पैदल पुलिश भी बह गई। बादल फटन से लोगों में अफरा तफरी मच गई।
बुरुआ पंचायत के उपप्रधान चमन महंत ने बताया कि वीरवार शाम हुई भारी बारिश के दौरान शिलिंग नाले के ऊपरी क्षेत्र में बादल फटने से अचानक जलस्तर बढ़ गया। पानी और मलबे के तेज बहाव ने नाले का रुख बदल दिया,जिसके चलते लाछन क्षेत्र के सेब के बगीचों को भारी क्षति हुई। उन्होंने प्रशासन से प्रभावित परिवारों का शीघ्र सर्वे करवाकर उचित मुआवजा प्रदान करने की मांग की है। इस आपदा में बागवान लक्ष्मण महंत, भोला राम, प्रभु दास, रघुबीर, चमन लाल, प्रीतम चंद, कमला देवी, खूब राम तथा राम चंद के बगीचे मलबे से भर गए और 127 से अधिक पेड़ बह गए।स्थानीय लोगों ने प्रशासन से प्रभावित क्षेत्र का जल्द निरीक्षण कर नुकसान का आकलन करने और प्रभावित बागवानों को शीघ्र राहत एवं मुआवजा उपलब्ध कराने की मांग की है। एसडीएम गुंजीत सिंह चीमा ने कहा कि नुकसान का आकलन किया जा रहा है। एक पैदल पुलिया बह गई थी जिसे ग्रामीणों कि सहायता से पुनः बनाया जा रहा है।
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