आर्थिक दबाव बढ़ने से पर्यटन कारोबारियों ने जताई प्रदेश सरकार के खिलाफ नाराजगी
नप मनाली में 10 से 20 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी, मूल्यांकन के लिए आ रहीं आपत्तियां
नगर परिषद क्षेत्र में घरेलू मकानों के गृहकर में आई है 20 से 30 प्रतिशत तक की कमी
संजय भारद्वाज
मनाली। वर्ष 2023 से आपदा से उबरने की कोशिश कर रहे मनाली के पर्यटन कारोबारियों को सरकार की नई गृहकर बढ़ोतरी ने एक और झटका दिया है।
पर्यटन धीमा है, सड़कें क्षतिग्रस्त हैं और व्यवसाय अब भी नुकसान से जूझ रहे हैं। ऐसे में 10 से 20 प्रतिशत तक बढ़ा गृहकर उनके लिए बड़ी चिंता बन गया है। राहत की उम्मीदों के बीच आया यह फैसला कारोबारियों में नाराजगी और आर्थिक दबाव दोनों बढ़ा रहा है।
राज्य सरकार के नए टैरिफ के अनुसार नगर परिषद मनाली में भी गृहकर में बढ़ोतरी हुई है। इससे मनाली के पर्यटन कारोबारियों पर आर्थिक दबाव बढ़ गया है। आपदा के दौर में राहत मिलने के बजाय आर्थिक दबाव बढ़ने से पर्यटन कारोबारियों में सरकार के प्रति नाराजगी है। नगर परिषद में गृहकर की नई दरों की मूल्यांकन करने के लिए नगर परिषद के पास आपत्तियां पहुंच रही हैं।
मनाली नगर परिषद में गृहकर में अचानक वृद्धि किए जाने के बाद होटल व्यवसायियों में नाराजगी बढ़ रही है। इससे पिछले तीन वर्षों से लगातार प्राकृतिक आपदाओं से जूझ रहे इस उद्योग पर वित्तीय दबाव और बढ़ गया है। बताया जा रहा है कि 2023 से इस पर कार्य चल रहा था। भवन के क्षेत्र, निर्मित होने का वर्ष, भवन किस जोन में है, भवन घरेलू है या व्यवसायिक, कच्चा है या पक्का जैसे प्रमुख केटेगरी के आधार पर गृहकर की दरें लागू की गई हैं। इससे होटलों, दुकानों का क्षेत्रफल के आधार पर पांच से 30 प्रतिशत तक गृहकर बढ़ गया है जबकि घरेलू मकानों के गृहकर में 20 से 30 प्रतिशत तक की कमी भी आई है।
होटल व्यवसायियों का तर्क है कि यह भारी बढ़ोतरी सबसे बुरे समय में हुई है। क्षतिग्रस्त सड़कों के कारण पर्यटन अनिश्चित बना हुआ है। कई प्रतिष्ठान अभी भी बाढ़ और भूस्खलन से हुए नुकसान की मरम्मत कर रहे हैं। ऐसे समय में गृहकर बढ़ना कारोबारियों पर भारी पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि मंडी, कुल्लू, और मनाली आपदा से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। कम से कम इन इलाकों को आपदा के दौर में छूट मिलनी चाहिए थी। नगर परिषद के अध्यक्ष मनोज लारजे ने बताया कि यह बढ़ोतरी राज्य स्तर पर हुई है। पूरे प्रदेश में नए सर्वे के अनुसार गृहकर लगाया गया है। इससे कहीं गृहकर घटा है तो कहीं बढ़ा है।
मंडी और मनाली को इसमें छूट मिलनी चाहिए थी। अभी मनाली आपदा से संभल ही रहा है। पर्यटन कारोबार की रफ्तार भी धीमी है। आपदा के ऐसे समय में गृहकर में वृद्धि होने से कारोबारियों पर आर्थिक संकट आ गया है। -अजय अबरोल पर्यटन कारोबारी
डिजास्टर एक्ट में जब पंचायत चुनाव देरी से हो रहे हैं तो गृहकर की वृद्धि के बारे में भी सोचना चाहिए था। गृहकर में बहुत अधिक बढ़ोतरी हुई है। इसके मूल्यांकन की जरूरत है। - गजेंद्र ठाकुर,प्रदेश अध्यक्ष फेडरेशन ऑफ़ होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन