ढोल-नगाड़ों और कांसी आदि वाद्ययंत्रों की स्वर लहरियों से भक्तिमय हुआ माहौल
26 फरवरी से शुरू होगा उत्सव, परोसे जाएंगे पारंपरिक व्यंजन, मेहमानबाजी का रहेगा दौर
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। अगले हफ्ते 26 फरवरी से शुरू हो रहे महाशिवरात्रि उत्सव को लेकर बाह्य सराज के लोग तैयारी में जुट गए हैं। पारंपरिक उत्सव को मनाने के लिए लोगों में खासा उत्साह है। इन दिनों घाटी के लोग घर-घर जाकर भगवान शिव की महिमा गा रहे हैं।
ढोल-नगाड़ों, चिमटा और कांसी आदि वाद्य यंत्रों की स्वर लहरियों से घाटी का वातावरण देवमय हो गया है। शाम ढलते ही ग्रामीण गांव में किसी एक घर में एकत्रित होकर पारंपरिक गीत गाकर भगवान शिव को खुश कर रहे हैं। प्रदेश भर में विख्यात जिले के बाह्य सराज का शिवरात्रि पर्व अपने आप में खास है। महाशिवरात्रि के दिन लोग केमटू की माला बनाकर इसकी पूजा-अर्चना करते हैं। बाकायदा, मंडल सजाकर लोग शिव आरती, भजन-कीर्तन और गीत गाते हैं।
राज कुमार शर्मा, अशोक कुमार, लाल चंद, खेमराज, लीला प्रकाश, रंजीत राठौर, संजय ठाकुर, बेली राम, तिलक राज और टेक सिंह ने कहा कि महाशिवरात्रि पर्व को लेकर रघुपुर घाटी के लोगों में भारी उत्साह है। उन्होंने कहा कि घाटी में सदियों से महाशिवरात्रि को पारंपरिक तरीके से मनाया जाता है। इस दिन मेहमानबाजी का दौर चलता है। उत्सव में लोग अपने घरों में कई तरह के पारंपरिक व्यंजन तैयार करते हैं। आजकल लोग महाशिवरात्रि उत्सव को लेकर बालू, फनौटी, जुहड़, करशाला, सुहल, देहुरी, लोट, कोट और बनाला सहित क्षेत्र के कई गांव में भगवान शिव की महिमा गाकर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह दौर 27 फरवरी दोपहर तक जारी रहेगा। बता दें कि आधुनिकता के इस दौर में भी ग्रामीण अपनी पुरानी संस्कृति को आज भी संजोए हुए हैं।