अगस्त महीने में 80 रुपये किलो बिकने वाले सेब के मिल रहे आधे दाम
अच्छा आकार होने के बावजूद मंडियों में कम दाम पा रहा कुल्लू का सेब
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। जिले में इस बार सेब तो खिले हैं, बड़े, लाल और वजनदार लेकिन मंडियों में इनकी बोली सुनकर बागवानों के चेहरों की चमक फीकी पड़ गई है। अगस्त में जो सेब 80 रुपये किलो बिक रहा था, वही अब 40 से 50 रुपये में बिक रहा है।
मौसम ने साइज तो शानदार दिया, पर बारिश और टूटी सड़कों ने बाजार तक पहुंच को तोड़ डाला। ट्रक फंसे, तुड़ान तेज हुआ और मंडियों में व्यापारी मुंह चुराने लगे। बागवान कम दामों पर लुटने को मजबूर हैं। कुल्लू के बागवान अब आसमान नहीं, मंडियों की नजरें टटोल रहे हैं, शायद कहीं से राहत की कोई किरण निकले।
बारिश थमने के बाद कुल्लू की फल मंडियों में सेब का कारोबार शुरू हो गया है। लार्ज और मीडियम ग्रेड का सेब 40 से 50 रुपये किलो बिक रहा है। अगस्त में यही सेब 70 से 80 रुपये किलो बिक रहा था।
व्यापारी सितंबर में अब कम बोली लगा रहे हैं। अगस्त तक सेब की मार्केट अच्छी बनी रही। मौसम खुलते ही घाटी में तुड़ान ने जोर पकड़ लिया है। बागवान चिंतित हो गए हैं। बागवान बेली राम ठाकुर, नंद लाल, मोहर सिंह, चमन लाल, शिव लाल और राम सिंह ने कहा कि सेब सीजन ने एक बार फिर से गति पकड़ ली है। सेब के दामों में अब गिरावट आ गई है। लगातार बारिश और कुल्लू-मनाली के बीच बाधित हो रहे एनएच से कारोबार पर असर पड़ा है। कुल्लू से जाने वाली गाड़ियां घंटों तक फंस रही हैं। ऐसे में व्यापारियों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। कुल्लू सदर फल एवं सब्जी उत्पादक संगठन के महासचिव सुनील राणा ने कहा कि ऊबड़-खाबड़ सड़कों से होकर बागवान सेब लेकर मंडियाें में आ रहे हैं। कम दाम मिलने से उन्हें निराशा का सामना करना पड़ रहा है। भुंतर सब्जी मंडी के आढ़ती मानस कुमार सूद ने कहा कि आने वाले दिनों में सेब के दामों में इजाफा होने की उम्मीद है।