लाहौल-स्पीति से मलाणा गांव के लिए रवाना होते देवता राजा घेपन।-संवाद
सिस्सू (लाहौल-स्पीति)। लाहौल घाटी के आराध्य देवता राजा घेपन की ऐतिहासिक मलाणा यात्रा शनिवार से शुरू हुई। यात्रा के पहले दिन देव काफिला डिंफुक थान पहुंचा, जहां पर ग्रामीणों ने कालछोर में देवताओं का स्वागत किया। यात्रा से पहले 24 जुलाई को जाहलमा से माता हिडिंबा और मारबल से देव अठारह नाग शाशिन स्थित राजा घेपन थान पहुंचे।
शनिवार को विधिवत पूजा-अर्चना के बाद यात्रा का शुभारंभ हुआ। यात्रा शुरू होने पर शाशिन की महिलाओं ने शगुन के रूप में कालछोर निकालकर देवगणों को विदा किया। दोपहर बाद यात्रा कोकसर पंचायत के तेलिंग स्थित यरदंग पहुंची। यहां ढाबा और होटल संचालकों के साथ ग्रामीणों ने देवताओं का स्वागत कर उनके लिए जलपान की व्यवस्था की।
शाम करीब पांच बजे देव काफिला कुठबिहाल से रवाना होकर डिंफुक थान पहुंचा। रात्रि विश्राम के बाद रविवार को माता हिडिंबा, राजा घेपन और देव अठारह नाग रोहतांग दर्रा पार कर कुलंग गांव पहुंचेंगे, जहां वे अपने बड़े भाई जमलू ऋषि जमदग्नि से मिलेंगे। यहां पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ उनका स्वागत किया जाएगा। संवाद