लारजी (कुल्लू)। अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव में शामिल होने के लिए सृष्टि रचयिता भगवान ब्रह्मा और माता महामाई अपने देवालय से समस्त हारियानों और लाव-लश्कर के साथ मंगलवार सुबह रवाना हुए।
देवी-देवता के प्रस्थान से क्षेत्र में भक्ति का माहौल रहा। सैकड़ों श्रद्धालुओं ने अपने आराध्यों के दर्शन कर उनका आशीर्वाद लिया। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार देवता ब्रह्मा और माता महामाई भुंतर में रात्रि ठहराव करेंगेद्ध देवी-देवता 21 अक्तूबर सुबह भुंतर से कुल्लू के लिए रवाना होंगे और अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव में शामिल होकर धार्मिक परंपराओं का निर्वहन करेंगे। संवाद