रोहतांग (लाहौल-स्पीति)। रोहतांग समेत ऊंची चोटियों पर बर्फ के हल्के फाहे गिरने से पर्यटन कारोबारियों की उम्मीदें जग गई हैं। जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति के कारोबारियों को उम्मीद है कि जल्द पहाड़ों पर बर्फबारी होगी।
देश-विदेश के सैलानी पहाड़ों पर बिछी सफेद चांदी का दीदार करने आएंगे। इस साल मौसम की बेरुखी के चलते पर्यटन कारोबारियों में मायूसी है।
सोमवार को सैलानी रोहतांग दर्रा की सैर करने गए थे। अचानक हल्के बर्फ के फाहे देखकर उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। चंद लम्हे बाद उन्हें फिर मायूसी का सामना करना पड़ा। बर्फ के फाहे गिरने का क्रम रुक गया। गौर रहे कि इन दिनों मनाली और लाहौल में सैलानियों की आमद बढ़ गई है। बर्फबारी न होने से पर्यटन कारोबार गति नहीं पकड़ रहा है। लाहौल-स्पीति में पिछले साल अक्तूबर में ही बर्फ गिरी थी। जनवरी तक कोकसर और अटल टनल में सैलानियों का सैलाब उमड़ा था। पिछले साल पर्यटन कारोबार भी अच्छा रहा था। घाटी के पर्यटन कारोबारी रजत, रवि, गयुरमेद, विक्रम, चंदू, खीमी नेगी और हिमाल ने उम्मीद जताई है कि बर्फबारी होते ही घाटी में सैलानियों का एक बार फिर हुजूम उमड़ेगा। फिलहाल, पर्यटन कारोबार ठंडा है। उन्होंने कहा कि बर्फबारी होने के बाद देश-विदेश के पर्यटक भारी संख्या में मनाली और लाहौल की ठंडी वादियों का रुख करेंगे। रविवार को ऊंची चोटियों पर गिरे बर्फ के फाहों के बाद अब जल्द बर्फबारी होने की उम्मीद जगी है।