भारी बारिश ने सैंज घाटी में वाहनों की रफ्तार पर ब्रेक लगा दी। सैंज-न्यूली सड़क सिंउड के समीप भू-स्खलन से कई घंटे तक सोमवार को बाधित रही। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं, जिससे लोगों को परेशानी हुई।
लारजी-सैंज सड़क पर पागल नाले के रौद्र रूप ने भी घाटी के लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। सैंज नदी किनारे लपाह नाले के पास बनी प्राकृतिक झील की स्थिति भी यथावत बनी हुई है। तीन दिन से हो रही बारिश से कई जगह पर भू-स्खलन हो रहा है। परियोजना का निर्माण कार्य कर रही कंपनी की मशीनरी ने हालांकि राइट बैंक से सड़क छोटे वाहनों के लिए बहाल कर दी है। सैंज घाटी के बागवान दीपक, ऐले राम, सेस राम, रोशन लाल, विद्या प्रकाश नेगी, महेंद्र सिंह, मोती राम, पूर्ण चंद और प्रेम सिंह ने कहा कि सियुंड में सड़क बंद होने से उन्हें भारी नुकसान झेलना पड़ा। सब्जी मंडी में बोली के समय न पहुंचने के कारण उनके उत्पाद सस्ते दाम में ही बिके।
उधर, सैंज-धाउगी सड़क पर सराधार में डंगा धंस गया है। इस रूट के जल्द बहाल होने की उम्मीद नहीं है। लिहाजा, किसानों को अपने उत्पाद पीठ पर उठा कर गाड़ियों तक पहुंचाने पड़ेंगे। गाड़ापारली पंचायत के प्रधान बुध राम ने बताया कि लपाह में बनी झील फिलहाल शांत है।
इधर, लोक निर्माण विभाग के एसडीओ रवि सोनी ने कहा कि सिउंड में मलबा हटाने के लिए मशीन और मजदूर लगाए हुए हैं। लगातार बरिश होने से भू-स्खलन हो रहा है। उधर, एसडीएम बंजार अश्वनी कुमार ने लोगों को नदी नाले और भू-स्खलन संभावित क्षेत्र से दूर रहने की अपील की है।