बंजार घाटी के गुशैणी कैंची मोड़ पर भूस्खलन से बद मार्ग। कार भी क्षतिग्रस्त हो गई है।-संवाद
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कुल्लू/बंजार। जिले में भारी बारिश ने अपना कहर बरपाना शुरू कर दिया है। तीर्थन घाटी की ग्रामीण क्षेत्रों को जोड़ने वाली अधिकतर सड़कें भारी भूस्खलन के कारण यातायात के लिए बंद पड़ी हैं और बिजली आपूर्ति भी बाधित हुई है। गुशैणी-पेखड़ी सड़क पर बुधवार दोपहर के समय रूपाजानी गांव के पास भारी भूस्खलन हुआ। इसमें एक गोशाला ढह गई और एक रिहायशी मकान को भी आंशिक नुकसान पहुंचा। सड़क के ऊपर से बड़ी-बड़ी चट्टानें खिसकने के कारण अफरातफरी मच गई और एक परिवार बाल-बाल बचा। ग्रामीणों में डर का माहौल बना हुआ है। वहीं, गुशैणी-बठाहड सड़क पर भी कैंची मोड़ के पास पहाड़ी दरकने से चट्टानें खिसक कर फ्लाचन नदी में पहुंचीं, जबकि परियाड़ी गांव के पास गुशैणी-बठाहड़ मार्ग आवाजाही के लिए बंद हुआ है। सड़क किनारे खड़ी एक कार पर पत्थर गिरे हैं। कार को भारी नुकसान हुआ है।
उधर, जिले में मंगलवार रात भारी बारिश से 50 सड़कों पर यातायात ठप है। इनमें निरमंड में 34, बंजार में 11, कुल्लू में तीन और मनाली डिवीजन की एक सड़क शामिल है। इससे वाहन चालकों और मुसाफिरों की परेशानियां बढ़ गई हैं। हालांकि लोक निर्माण विभाग भूस्खलन और बारिश से क्षतिग्रस्त सड़कों को बहाल करने में जुटा है। इसके अलावा बारिश से बिजली के 11 ट्रांसफार्मर ठप पड़े हुए हैं।
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खस्ताहाल में नौ किमी लंबी गुशैणी-पेखड़ी सड़क
तीर्थन घाटी के दूरदराज पेखड़ी पंचायत की हजारों आबादी को जोड़ने वाली नौ किलोमीटर लबी सड़क वर्तमान में खस्ताहाल है। रखरखाव के अभाव में सड़क की दशा दिन-प्रतिदिन खराब होती जा रही है। रैलिंग, पैरापिट और निकासी नालियों का निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है। कई स्थानों पर चट्टानें सड़क पर ही पड़ी हुई हैं, जो लोगों के लिए खतरा बनी हुई हैं।
लोक निर्माण विभाग को दिए निर्देश
जिलेभर में बारिश के कारण हुए भूस्खलन से कई सड़कें बंद हैं। लोक निर्माण को बंद मार्गों को जल्द बहाल करने के निर्देश दिए गए हैं। बिजली की बहाली का कार्य भी जारी है।
आशुतोष गर्ग, उपायुक्त, कुल्लू