केलांग (लाहौल-स्पीति)। प्रदेश सरकार की पर्यटन घोषणाओं से जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति में विंटर और ग्रामीण पर्यटन को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है। बजट में मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि होम स्टे मालिकों को पर्यावरण अनुकूल प्रमाण पत्र दिए जाएंगे। इसके अलावा हिमाचल के 40 गांवों को स्नो टूरिज्म स्पॉट के रूप में विकसित किया जाएगा। महिलाओं की सुरक्षित यात्रा को बढ़ावा देने के लिए शी ट्रैवल पोर्टल भी शुरू किया जाएगा। वीकेंड टूरिज्म गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
इन घोषणाओं का सबसे अधिक फायदा लाहौल-स्पीति और कुल्लू-मनाली क्षेत्र को होने की संभावना है। साल के करीब छह महीने तक बर्फ से ढके रहने वाले लाहौल-स्पीति में स्नो टूरिज्म की अपार संभावनाएं हैं। जिले में करीब ढाई हजार से अधिक होम स्टे पंजीकृत हैं। ऐसे में होम स्टे मालिकों को पर्यावरण अनुकूल प्रमाण पत्र मिलने से स्थानीय पर्यटन कारोबार को नई पहचान मिलेगी।
लाहौल होटल एसोसिएशन के महासचिव टशी बारोंगपा ने कहा कि हिमाचल में 40 गांवों को स्नो टूरिज्म प्वाइंट घोषित करने का सबसे अधिक फायदा लाहौल-स्पीति को मिलेगा। होम स्टे संचालक प्रेम जीत ने कहा कि सरकार की इस घोषणा से जनजातीय क्षेत्रों में ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। विंटर टूरिज्म के जरिए स्थानीय लोगों की आमदनी भी बढ़ेगी। संवाद