केलंग (लाहौल-स्पीति)। घाटी के पर्यटन स्थलों में पुलिस ने ऐसे स्पॉट को चिह्नित किया है जो पर्यटकों के लिए जानलेवा साबित होने लगे हैं। इसके बाद पुलिस ने इन स्पॉट को लेकर गाइडलाइन जारी की है चंद्रभागा नदी किनारे पुलिस ने उन क्षेत्रों को चिह्नित किया है, जहां बीते वर्षों में पर्यटकों के डूबने या अन्य हादसे पेश आए हैं। ऐसे स्थानों को अब दुर्घटनाग्रस्त और खतरा क्षेत्र घोषित कर दिया गया है। पुलिस ने इन स्थानों को पर्यटकों के लिए पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया है। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले दीपक ताल में डुबकी लगाते कुछ पर्यटकों का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो गया था। उसके बाद पुलिस हरकत में आई है। पुलिस के अनुसार कुछ पर्यटक तेज बहाव वाली नदियों, ऊंचाई पर स्थित झीलों और दुर्गम क्षेत्रों में बिना सुरक्षा के पहुंच जाते हैं, जहां मोबाइल नेटवर्क भी उपलब्ध नहीं होता। ऐसे जोखिम भरे कदम कई बार जानलेवा साबित हो रहे हैं। खास तौर पर नदियों में नहाना, झीलों में उतरना या फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी के लिए नदी, झीलों और झरनों के पास जाना, अब प्रशासन की नजर में गंभीर लापरवाही मानी जाएगी।
ये स्थान चिह्नित किए
जिला में पुलिस ने दुर्घटना संभावित स्थानों की सूची तैयार की है, जिसमें मिनी मनाली, दीपक ताल, सूरज ताल, चंद्र ताल, पागल नाला, यांगला स्नो प्लाइंट, तांदी संगम, सिस्सू हेलिपेड नदी किनारे, कुठ विहाल, तेलिंग नाला, डिंफुक नाला, कोकसर नाला, सिस्सू रिवर साइट क्षेत्र को दुर्घटना संभावित स्थानों की सूची में लिया गया है।
जिन क्षेत्रों में पहले दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, उन स्थानों में आने वाले समय में भी दुर्घटनाएं होने की आशंका बनी रहेगी। ऐसे में पर्यटकों की सुरक्षा को देखते हुए पुलिस ने दिशा-निर्देश जारी किए हैं। पर्यटकों से भी अपील है कि वे इस तरह के स्थानों में न जाएं, जहां दुर्घटनाएं होने की संभावनाएं हों।
-इल्मा अफरोज, एसपी लाहौल-स्पीति