लोकगायकों और आध्यात्मिक प्रवचनों से सराबोर होगी घाटी
क्षेत्रीय संस्कृति, संगीत और पारंपरिक खान-पान का होगा संगम
संवाद न्यूज एजेंसी
केलांग (लाहौल-स्पीति)। लाहौल घाटी में पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लाहौल इको टूरिज्म सोसायटी के बैनर तले एक और और दो अगस्त को जिस्पा में इको टूरिज्म फेस्टिवल का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन क्षेत्रीय संस्कृति, संगीत और पारंपरिक खान-पान का अनूठा संगम होगा।
फेस्टिवल का शुभारंभ एक अगस्त को लाहौल-स्पीति की विधायक अनुराधा राणा करेंगी। समापन समारोह में उपायुक्त किरण भड़ाना मुख्य अतिथि होंगी। सोसायटी के अध्यक्ष कलजंग टशी ने यह जानकारी दी। दो दिवसीय फेस्टिवल में हिमाचल, पांगी और लद्दाख के प्रसिद्ध लोक गायक प्रस्तुतियों से समां बांधेंगे। कार्यक्रम में बीरबल किनौरा, फुर्बु नेगी, रमेश ठाकुर, आकाश लोनचेंपा, रवि नेहमा, तेंजिन नॉर्गिस और स्पीति की स्वर कोकिला छूनित कलजंग जैसे नामचीन कलाकार सुरों की महफिल सजाएंगे।
स्थानीय व्यंजनों को बढ़ावा देने के लिए मिनी फूड फेस्टिवल का भी आयोजन किया जाएगा। इसमें पारंपरिक लाहौली व्यंजन पर्यटकों को परोसे जाएंगे। फेस्टिवल के दौरान आध्यात्मिकता का भी विशेष संगम देखने को मिलेगा। टूलकू तेनपा रबग्या रिंपोछे बौद्ध धर्म पर प्रवचन देंगे।
सोसायटी के अध्यक्ष कलजंग टशी ने बताया कि लाहौल इको टूरिज्म सोसायटी वर्ष 2015 से इस फेस्टिवल का सफल आयोजन कर रही है। इस आयोजन से न केवल स्थानीय संस्कृति को संजीवनी मिलती है बल्कि पर्यटन को भी नई ऊंचाई मिलती है। जिस्पा जैसे पर्यटन स्थल को इससे वैश्विक पहचान मिलने की उम्मीद है।