पतलीकूहल (कुल्लू)। जिले की मंडियों में सेब सीजन धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है। बंदरोल, पतलीकूहल और चोरी बिहाली मंडियों में सेब आने के साथ ही व्यापारिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। सेब सीजन के लिए प्रदेश के विभिन्न हिस्सों और उत्तर भारत के कई राज्यों से आढ़ती, व्यापारी, ट्रांसपोर्टर और मजदूर पहुंचने लगे हैं।
मंडियों में सुबह से देर शाम तक सेब की पैकिंग, ग्रेडिंग, लोडिंग और अनलोडिंग का कार्य जारी है। ट्रकों की आवाजाही भी बढ़ गई है। बागवान अपनी उपज को मंडियों तक पहुंचाने में जुट गए हैं। अक्तूबर तक चलने वाले सेब सीजन के दौरान इन मंडियों में करोड़ों रुपये का कारोबार होता है। कुल्लू घाटी के अलावा मनाली, नग्गर, बंजार और आसपास के क्षेत्रों के बागवान अपनी फसल यहां लाते हैं। यहां से सेब दिल्ली, चंडीगढ़, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश सहित देश के विभिन्न बाजारों में भेजा जाता है।
सेब सीजन बागवानों के साथ-साथ सैकड़ों लोगों के लिए रोजगार का भी प्रमुख स्रोत है। मंडियों में छंटाई, ग्रेडिंग, पैकिंग, लोडिंग, अनलोडिंग, परिवहन, कार्टन निर्माण और पैकेजिंग सामग्री से जुड़े कार्यों में बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार मिलता है। यही वजह है कि हर वर्ष अन्य राज्यों से भी सैकड़ों मजदूर कुल्लू पहुंचते हैं।
एपीएमसी के अध्यक्ष मियां राम सिंह ने बताया कि जिले की अस्थायी सब्जी मंडियों में सेब सीजन के दौरान उत्तर प्रदेश, बिहार तथा हिमाचल प्रदेश के कई जिलों सहित विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले करीब 20 हजार लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलता है। उन्होंने बताया कि मंडियों में बागवानों और व्यापारियों की सुविधा के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। सफाई, पेयजल, यातायात प्रबंधन और अन्य मूलभूत सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। संवाद