जनजातीय क्षेत्र स्पीति का कुंजुम दर्रा 10 दिन में यातायात के लिए बहाल हो जाएगा। दिसंबर माह में हुई भारी बर्फबारी के बाद यह मार्ग अब तक यातायात के लिए बंद पड़ा है। ऐसे में स्पीति घाटी के बाशिंदों को दिसंबर माह से काजा से कुल्लू पहुंचने के लिए रिकांगपियो, रामपुर, करसोग से मंडी हुए 24 घंटे का सफर करना पड़ रहा है।
हालांकि जलोड़ी जोत से स्पीति को आवाजाही के लिए वैकल्पिक मार्ग तो है, लेकिन मौसम खराब रहने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। बीआरओ के अधिकारियों ने दावा किया है कि दस दिन में कुंजुम दर्रा यातायात के लिए बहाल कर दिया जाएगा। इस मार्ग के खुल जाने से स्पीति घाटी के बाशिंदे कुल्लू से काजा तक महज 9 घंटों में ही पहुंच सकेंगे। समुद्रतल से 4500 मीटर ऊंचे कुंजुम टॉप की बहाली को लेकर स्पीति घाटी के बाशिंदे ही नहीं बल्कि देश-विदेश के पर्यटक भी इंतजार कर रहे हैं।
स्पीति निवासी सोनम, राजेंद्र, कलजंग बोध का कहना है कि दिसंबर माह से काजा ग्रांफू मार्ग बंद है। विधायक लाहौल-स्पीति एवं एसटी कमीशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रवि ठाकुर ने कुंजुम दर्रे की जल्द बहाली को लेकर शिमला में बीआरओ के चीफ कमांडर से बात की है।
उधर, समदो में तैनात 108 आरसीसी के कमाडिंग ऑफिसर आरएस पटेरिया ने कहा कि उनकी टीम स्पीति छोर से कुंजुम टॉप से पांच किलोमीटर पीछे है। 10 दिन में काजा में कुंजुम टॉप बहाल करने के साथ काजा ग्रांफू मार्ग यातायात के लिए बहाल कर दिया जाएगा।