जिले को क्षय रोग मुक्त बनाने के लिए पंचायत प्रतिनिधि किए जाएंगे प्रशिक्षित
विशेष प्रशिक्षण देकर दी जाएगी ग्राम स्तर पर जागरूकता फैलाने की जिम्मेदारी
जिले की हर एक पंचायत को टीबी मुक्त बनाने के लिए विभाग ने बनाई योजना
राजीव नैय्यर
कुल्लू। जिले को क्षय रोग मुक्त बनाने की दिशा में स्वास्थ्य विभाग ने एक और अहम कदम उठाया है। अब टीबी उन्मूलन अभियान में पंचायत प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। इसके तहत उन्हें विशेष प्रशिक्षण देकर ग्राम स्तर पर जागरूकता फैलाने की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
विभाग पंचायत प्रतिनिधियों को विशेष प्रशिक्षण भी देगा। इसकी रूपरेखा तैयार कर ली गई है। इसी माह के अंत तक प्रतिनिधियों को प्रशिक्षण देने की योजना है। जिले में 235 पंचायतें हैं। इनमें 22 पंचायतें क्षय रोग मुक्त हैं। पांच पंचायतों में 2023 से अब तक दोबारा क्षय रोग का कोई मामला सामने नहीं आया है।
स्वास्थ्य विभाग क्षय रोग की रोकथाम और लोगों को जागरूक करने के लिए कार्यक्रम करवा रहा है। जन भागीदारी को सुनिश्चित करने के लिए पंचायत प्रतिनिधियों को भी प्रशिक्षण दिया जाएगा जिससे वे संबंधित पंचायत के ग्रामीणों को क्षय रोग के लक्षण की पहचान, इसकी रोकथाम, बचाव और उपचार संबंधी जानकारी दे सकें। ग्रामीण स्तर पर जागरूकता बढ़ने से क्षय रोग के मामलों में कमी आंकी जा सकेगी।
उधर, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सुरेश ने कहा कि इसी माह के अंत तक पंचायत प्रतिनिधियों को क्षय रोग से संबंधित प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्हें क्षय रोग से बचाव और उपचार संबंधी जानकारी दी जाएगी।
टीबी मुक्त पंचायतें हो रहीं सम्मानित
टीबी उन्मूलन अभियान का हिस्सा बन रही ग्राम पंचायतों को सम्मानित किया जा रहा है। यह वे पंचायतें हैं जिनमें क्षय रोग के मामले नहीं हैं। जिला कुल्लू के पांचों स्वास्थ्य खंडों जरी, नग्गर, बंजार, आनी और निरमंड में 22 ऐसी पंचायतें हैं, जो टीबी मुक्त बनी हैं।