कम नहीं हो रहीं लिंडूर गांव के लोगों की परेशानियां, तीन महीने से नहीं पहुंचे वाहन
गांव से एक किमी पीछे 35 मीटर क्षेत्र में सड़क धंसने से बढ़ी ग्रामीणों की समस्या
दिनेश जस्पा
उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। लिंडूर गांव के लोगों के लिए आपदा थमने का नाम नहीं ले रही है। जमीन और घरों में दरारें आने के बाद अब गांव की एकमात्र सड़क भी लगातार धंस रही है।
इससे पिछले तीन महीनों से गांव तक किसी भी वाहन की पहुंच बंद हो गई है। हालात ऐसे हैं कि लोग अपने रोजमर्रा के कामों और जरूरतों के लिए भी जोखिम उठाने को मजबूर हैं।
जिला मुख्यालय केलांग के अंतर्गत छंबोग-लिंडूर सड़क की कुल लंबाई आठ किलोमीटर है। छंबोग से सात किलोमीटर आगे लिंडूर गांव से करीब एक किलोमीटर पहले सड़क धंस गई है और यह निरंतर धंसती जा रही है। लोक निर्माण विभाग ने हालांकि कई बार वहां सड़क को ठीक करने का प्रयास किया लेकिन गांव से एक किलोमीटर पीछे एक कैंची पर सड़क 30 से 35 मीटर क्षेत्र में सड़क धंस गई है। इस कारण लिंडूर गांव तक वाहन नहीं पहुंच पा रहे हैं। हालांकि इस मार्ग में सात किलोमीटर में वाहन चल रहे हैं लेकिन करीब एक से डेढ़ किलोमीटर मार्ग में गांव तक पहुंचने में लोगों को समस्या हो रही है। गौरतलब है कि कुछ वर्षों से 14 घरों की आबादी वाले लिंडूर गांव के लोग आपदा की मार झेल रहे हैं। गांव के लोगों की कई बीघा जमीन, लहलहाती फसल और सेब के बगीचों सहित जाहलमा नाले में बाढ़ की भेंट चढ़ गए। कई बीघा जमीन और घरों में दरारें पड़ी हैं।
गांव से करीब एक डेढ़ किलोमीटर पीछे एक कैंची में सड़क 30 से 35 मीटर धंस गई है। यहां अक्तूबर के बाद सड़क ज्यादा धंसना शुरू हुई। इसके लिए कुछ विकल्प ढूंढा जा रहा है ताकि लिंडूर गांव के लोगों को आवाजाही में किसी तरह की परेशानी न हो। - अक्षय सहायक अभियंता, लोक निर्माण विभाग चिनाब मंडल उदयपुर