हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में मानव तस्करी, नाबालिग से जबरन देह व्यापार कराने और पॉक्सो अधिनियम से जुड़े एक गंभीर मामले में विशेष अदालत ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। विशेष न्यायाधीश प्रकाश चंद राणा की अदालत ने पीड़ित बच्ची की मां सहित तीन आरोपियों को दोषी ठहराते हुए प्रत्येक को दस-दस साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने सभी दोषियों पर आर्थिक दंड भी लगाया है।
आरोपियों की पहचान और सजा
सजा पाए आरोपियों में शिव शंकर उर्फ सिकंदर (मूल रूप से बरेली, उत्तर प्रदेश का निवासी, वर्तमान में जीरकपुर में रह रहा था), नितिन जैन उर्फ मन्नू (करनाल, हरियाणा) और पीड़ित बच्ची की मां शामिल हैं। अदालत ने इन तीनों को भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं, पॉक्सो अधिनियम तथा अनैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम के तहत दोषी पाया।