कुल्लू। शहर वासियों की प्यास बुझाने के लिए 6 एमएलडी पानी की जरूरत है लेकिन अभी तक 3.85 एमएलडी पानी ही उपलब्ध हो पा रहा है। अभी भी शहर के लोगों की जरूरत को पूरा करने के लिए 2.15 एमएलडी पानी की कमी चल रही है। ऐसे में शहर के कई हिस्सों के लोगों को पीने का पानी लाने के लिए भटकना पड़ रहा है। खासकर अपर सुल्तानपुर, वार्ड नंबर, 10, 7 और 11 के कुछ हिस्से पानी की गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं। इनमें अधिकतर क्षेत्रों में पानी का टैंकर भी नहीं पहुंच पा रहा है जिससे लोगों की समस्या और ज्यादा बढ़ गई है। हालांकि जिन इलाकों में पानी नलों में नहीं आ रहा है, उनमें विभाग टैंकर के माध्यम से भी पानी उपलब्ध करवाने की कोशिश कर रहा है परंतु शहर में ऐसे भी इलाके हैं जहां तक गाड़ियां नहीं पहुंच पाती। ऐसे में लोगों को प्राकृतिक स्रोत या फिर दूर जाकर पानी ढोकर लाना पड़ रहा है।
शहर को खलाड़ा की योजना से पानी उपलब्ध करवाया जा रहा है। हालांकि विभाग ने शेताफाट से पानी की योजना को भी दुरुस्त कर दिया है परंतु इस योजना के लिए सुम्मा से पानी को लिफ्ट किया जाता है। बिजली की उपलब्धता नहीं होने के कारण यह योजना नहीं चल पा रही है। इस योजना के जरिये 1.5 एमएलडी पानी की आपूर्ति की जाती है, जो नहीं हो पा रही है।
शहर को खलाड़ा की योजना से पानी उपलब्ध करवा दिया गया है। शेताफाट की योजना बिजली पर निर्भर है और यह प्रभावित हो रही है। जिस कारण शहर को पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। विभाग पानी उपलब्ध करवाने के लिए दिन-रात एक किए हुए है।
-अमित मेरूपा, अधिशासी अभियंता जलशक्ति विभाग।