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Kullu News: कुगती दर्रा ने ओढ़ी बर्फ की चादर, ट्रैक रूट आठ महीने के लिए बंद

Sat, 11 Oct 2025 10:11 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
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कुल्लू दशहरा उत्सव में अस्थाई मार्केट में उमड़ी भीड़।-संवाद
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लाहौल-चंबा को जोड़ने वाले दर्रा में 16,800 फीट की ऊंचाई पर गिरी 100 सेमी से अधिक बर्फ
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जनजातीय जिला से हर साल इसी रूट से मन्नत लेकर मणिमहेश यात्रा पर जाते हैं श्रद्धालु
चंबा जिले के भेड़पालक भी इसी मार्ग से आते हैं घाटी में, 41 किलोमीटर लंबा है यह ट्रैक
दिनेश जस्पा
उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। 16,800 फीट की ऊंचाई पर फैली सफेद चादर ने एक बार फिर आस्था की पदयात्रा को विराम दे दिया है। लाहौल-चंबा को जोड़ने वाला कुगती पास अब आठ महीने के लिए बंद हो गया है।
श्रद्धालुओं के लिए मणिमहेश जाने वाला यह पवित्र ट्रैक बर्फबारी के कारण पूरी तरह ढक गया है। गर्मियों में नंगे पांव लोग इस दुर्गम रास्ते पर चलते थे, अब वहां सिर्फ बर्फ की खामोशी पसरी है। इस दर्रा पर 100 सेंटीमीटर से अधिक बर्फबारी हुई है। इससे इस रूट पर आवाजाही बंद हो गई है।
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लाहौल-चंबा को जोड़ने वाले इस ट्रैक रूट में लाहौल के रापे गांव से होकर कुगती जोत के रास्ते आवाजाही होती है। अब बर्फबारी होने से यह रूट करीब आठ महीने के लिए बंद हो गया है। अमूमन यह रूट श्रद्धालुओं और ट्रैकरों के लिए महज चार माह के लिए खुला रहता है। हर साल जून के अंत में चंबा के भेड़पालकों के लिए खुलता है। इस रास्ते से भेड़पालक लाहौल आते हैं।
गौरतलब है कि कुगती जोत में हाल ही में भारी बर्फबारी हुई है। अब इस रूट से लाहौल से मणिमहेश झील के लिए आवाजाही अगले सीजन में होगी। गर्मियों में कुगती जोत होते हुए महिला-पुरुष श्रद्धालु रापे गांव से होते हुए कुगती जोत लांघकर मणिमहेश झील तक पहुंचते हैं। मणिमहेश यात्रा के दौरान 41 किमी लंबे इस ट्रैक पर चार जगह रात्रि ठहराव होता है। इस ट्रैक से सफर करना काफी चुनौतीपूर्ण रहता है। कई श्रद्धालु गर्मियों के दिनों में अपनी मन्नत लेकर नंगे पांव मणिमहेश झील की ओर जाते हैं। घाटी के बुजुर्गों का कहना है कि यह रास्ता भले ही कठिन है लेकिन सच्चे मन से इस ट्रैक से मणिमहेश जाने वालों की मन्नत पूरी होती है।
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उधर, पुलिस उप अधीक्षक केलांग रश्मि शर्मा ने कहा कि कोई भी श्रद्धालु और ट्रैकर उस ओर न जाएं। हाल ही में हुई बर्फबारी के बाद लाहौल-चंबा को जोड़ने वाला कुगती दर्रा आवाजाही के लिए बंद हो गया है। संवाद
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