अटल टनल रोहतांग के नॉर्थ पोर्टल में बर्फबारी के बाद पहुंचे पर्यटक वाहन।-संवाद
53 बिजली ट्रांसफार्मर ठप होने से बढ़ी मुश्किल, कई किमी तक पैदल करना पड़ रहा सफर
आपदा के एक महीने बाद भी पटरी पर नहीं लौटा जनजीवन, गांवों की सड़कें भी पड़ी हैं बंद
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। कुल्लू और लाहौल-स्पीति में आपदा के एक महीने बाद भी राहत की किरणें नहीं पहुंची हैं। 91 सड़कों पर वाहनों की आवाजाही और 53 बिजली ट्रांसफार्मर बंद चल रहे हैं।
जनजीवन पटरी पर न लौटने से लोग कई किलोमीटर पैदल चलने पर मजबूर हैं। सर्दियों के मौसम में रातें भी अंधेरे में कट रही रही हैं।
कुल्लू में एक माह से 35 सड़कों पर बसों के साथ छोटे वाहनों की आवाजाही बंद है। औट-बंजार-सैंज हाईवे-305 पर 100 से भी अधिक दिनों से 11 बसों की आवाजाही ठप है। जिला मुख्यालय कुल्लू पहुंचने के लिए लोग 200 की जगह 800 से 1,000 रुपये प्रति सवारी टैक्सियों में किराया दे रहे हैं। सबसे अधिक 15 सड़कें कुल्लू विस क्षेत्र में बंद हैं। बाह्य सराज आनी विस क्षेत्र में 10, बंजार विस क्षेत्र में नौ और एक सड़क मनाली की अवरुद्ध है। जरूरी काम के लिए उपमंडल और जिला मुख्यालय पहुंचने के लिए लोगों को कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ रहा है। मान सिंह, लीला प्रकाश, सोहन लाल, पिंकू राम और सुनील ठाकुर ने कहा कि हाईवे-305 की बदहालत से बसों का संचालन नहीं हो रहा है। गांवाें की सड़कें भी ठप हैं। कुल्लू में 20 विद्युत ट्रांसफार्मर ठप होने से लोग परेशान हैं।
यही हाल लाहौल-स्पीति जिले का है। लोक निर्माण विभाग की 56 सड़कों पर वाहनों की आवाजाही ठप है। बर्फ की चादर से घाटी सफेद हो गई है। बिजली के 33 ट्रांसफार्मर बंद हैं। लोग कड़ाके की ठंड में ठिठुर रहे हैं। लोक निर्माण विभाग और बिजली बोर्ड के कर्मचारी सड़कों और बिजली की बहाली में जुटे हैं। बिजली लाइनों का फाॅल्ट ढूंढने के लिए बिजली बोर्ड ने पहली बार ड्रोन का इस्तेमाल कर रहा है। उधर, अतिरिक्त उपायुक्त कुल्लू अश्वनी कुमार ने कहा कि कुछ सड़कों को आपदा से काफी ज्यादा नुकसान हुआ है। संबंधित विभाग और एजेंसियां जनजीवन को पटरी पर लाने के लिए जुटी हैं।