कुल्लू। आपदा के दौरान खलोगी के पास तबाह हुई कोलीबेहड़-बाराहार सड़क को विभाग दो साल बाद भी ठीक नहीं करवा पाया है। इस जगह में चट्टान को काटकर सड़क बनाने के लिए आपदा के तहत केंद्र से आए बजट से 2.5 करोड़ रुपये बजट का प्रावधान किया गया है। निर्माण कार्य के लिए सैद्धांतिक मंजूरी भी मिल चुकी है परंतु अब विभाग अंतिम स्वीकृति का इंतजार कर रहा है जिस कारण यहां नए सिरे से सड़क को पैच बनाने का कार्य लटका हुआ है। ऐसे में क्षेत्र के लोगों को दो सालों से बस सेवा नहीं मिल पा रही है। लिहाजा, क्षेत्र के विद्यार्थियों और लोगों को काफी समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
क्षेत्र के लोगों की माने तो खतरनाक प्वाइंट के पास पत्थर को काटने के बजाय विभाग अस्थायी तौर पर जुगाड़ से सड़क बनाने का काम कर रहा है जो आने वाले समय के लिए क्षेत्र के लोगों के लिए परेशानी का कारण बन सकता है। गौरतलब है कि खलोगी के पास सौ मीटर से अधिक सड़क का हिस्सा 2023 की आपदा के दौरान पूरी तरह से ध्वस्त हुआ है और अब सिर्फ चट्टान वाला हिस्सा बचा है। जिसमें फिर से सड़क बनाना चुनौती बना हुआ है। ऐसे में इस जगह पर चट्टान को काटकर सड़क बनाई जानी है। विभाग के अधिकारियों का तर्क है कि जहां चट्टान की कटिंग करनी है, उसके ठीक नीचे मंदिर है, जिस कारण यहां पत्थर की कटिंग करना भी किसी खतरे से खाली नहीं है।
कोलीबेहड़-बाराहार सड़क में खलोगी के पास बने खतरनाक स्पॉट को ठीक करने के लिए अभी अंतिम स्वीकृति नहीं मिली है। जब तक अंतिम स्वीकृति नहीं मिलती, तब तक के लिए अस्थायी तौर पर सड़क बनाकर लोगों को सुविधा देने का प्रयास किया जा रहा है।
-बीसी नेगी, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग