रोहतांग दर्रा में पहुंची एचआरटीसी की इलेक्ट्रिक बस । संवाद
कुल्लू। तीन दशक से 13,050 फीट ऊंचा रोहतांग दर्रा देश-विदेश के सैलानियों की पहली पसंद रहा है। आजकल भी हजारों सैलानी रोहतांग की बर्फीली वादियों को निहारने के लिए पहुंच रहे हैं। मगर रोहतांग के लिए चल रही एचआरटीसी की इलेक्ट्रिक बसों को सवारियां नहीं मिल रही हैं और निगम की बसों की संख्या चार से आगे नहीं बढ़ रही है।
साल 2022, 2023 और 2024 में मनाली से रोहतांग जाने वाली बसों की संख्या 12 से 15 तक रही है। हालांकि मई माह मेंं एक या दो बसें ही जा रही थी और जून में इसकी संख्या चार हो गई। पिछले सप्ताह मनाली आने वाले पर्यटकाें की संख्या में दोगुना से भी अधिक इजाफा हो गया और अब मनाली में रोज 3,000 से 3,300 पर्यटक वाहन आ रहे हैं।
पर्यटकों की बात करें तो पर्यटन नगरी में हर दिन 16,000 से 18,000 सैलानी आ रहे हैं मगर एचआरटीसी की इलेक्ट्रिक बसों की सवारियां नहीं मिल रही हैं। 2024 में पर्यटन सीजन में मनाली से रोहतांग जाने वाली इलेक्ट्रिक बसों से निगम को 31 लाख की कमाई हुई थी।
राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) ने एक दशक पूर्व रोहतांग दर्रा में वायु प्रदूषण को रोकने के लिए पेट्रोल व डीजल वाहनों की संख्या को सीमित कर 1,200 किया है। इससे पहले रोहतांग में 5,000 से अधिक वाहन पहुंचते थे। एनटीजी ने प्रदेश सरकार को मनाली से रोहतांग दर्रा के लिए सैलानियों की सुविधा के लिए इलेक्ट्रिक बसों को चलाने के निर्देश दिए थे। मनाली से रोहतांग के लिए 2018 से इलेक्ट्रिक बसों को चलाया जा रहा है। एचआरटीसी मनाली के अड्डा प्रभारी खूब राम ने कहा कि घाटी में अब पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हुई है मगर उनकी बसों को सवारियां नहीं मिल रही हंै। एक जून से मात्र चार बसें ही रोहतांग जा रही हैं।