भूस्खलन से चंसारी स्कूल क्षतिग्रस्त होने के बाद दो साल से निजी भवन में चल रहीं कक्षाएं
सैकड़ों विद्यार्थी हर महीने दे रहे 100 रुपये किराया, बजट जारी होने पर भी नहीं बना भवन
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। राजकीय उच्च विद्यालय चंसारी में अध्ययनरत सैकड़ों विद्यार्थियों को नया भवन नहीं मिल पाया है। दो साल से निजी भवन में कक्षाएं लग रही हैं। इसका किराया भी विद्यार्थी ही दे रहे हैं। इसके लिए हर विद्यार्थी को हर महीने 100 रुपये का भुगतान करना पड़ता है।
दो साल से सरकार, प्रशासन और शिक्षा विभाग भी विद्यार्थियों के लिए भवन की व्यवस्था नहीं कर पाए हैं। अभिभावकों का दावा है कि भवन मालिक किराया लेने के लिए तैयार नहीं है, लेकिन वे स्वेच्छा से किराये का भुगतान कर रहे हैं।
हालांकि, सरकार ने स्कूल भवन के लिए बजट का प्रावधान तो कर दिया है, लेकिन शिक्षा और लोक निर्माण विभाग अभी भी औपचारिकताएं पूरी करने की ही दलीलें दे रहे हैं। इसका खामियाजा स्कूल में अध्ययनरत सैकड़ों विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को भुगतना पड़ रहा है। स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष देवेंद्र शर्मा ने कहा कि अभिभावकों ने कई मंचों पर सरकार, प्रशासन और संबंधित विभागों के समक्ष विद्यालय का कार्य पूरा करने की मांग उठाई, लेकिन समस्या जस की तस है।
दो साल पहले भूस्खलन से जर्जर हो गया था स्कूल का भवन
एसएमसी के अध्यक्ष देवेंद्र शर्मा ने कहा कि जुलाई 2023 में पहाड़ी से भूस्खलन होने से स्कूल का पुराना भवन जर्जर हो गया है। इसमें कक्षाएं नहीं लग सकती हैं। नए भवन का काम नहीं किया जा रहा है। विद्यार्थियों को निजी भवन के चार कमरों में पढ़ाना पड़ रहा है। पांच कक्षाएं होने के कारण एक कक्षा खुले आसमान के नीचे रोजाना लगानी पड़ती है।
चंसारी स्कूल की सुरक्षा के लिए सुरक्षा दीवार लगाई जा रही है। इसका 75 फीसदी कार्य पूरा कर दिया गया है। आगामी कार्य सुरक्षा दीवार लगने के बाद शुरू कर दिया जाएगा। इसके अलावा बजट समय पर जारी न होना भी निर्माण कार्य में बाधा बन रहा है। - बीसी नेगी, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग