कुल्लू। अधिष्ठाता देवता खुडीजल की वास स्थली देहुरी में दो दिवसीय बूढ़ी दिवाली उत्सव शुरू हो गया है। बुधवार को पहले दिन देवता खुडीजल का रथ तैयार किया गया। यह दोपहर बाद देवालय के बाहर निकला।
इसके बाद मंदिर के बाहर परिसर में एक खेत में अग्निकुंड जलाया। यहां देवता ने ढोल-नगाड़ों की थाप पर कुंड के चारों ओर परिक्रमा कर देवनृत्य किया। इस दौरान विभिन्न जगहों से आए देवलुओं के साथ देवता के कारकून और हारियान भी झूम उठे।
देवता के कारदार शेर सिंह और सचिव पूर्ण शर्मा ने कहा कि बूढ़ी दिवाली की प्राचीन प्रथा के अनुसार देवता के 90 मुजारे से देवता खुडीजल की पूजा में उपयोग होने वाली सामग्री को एकत्रित किया गया। इसमें जौ, गेहूं, मक्की और घी शामिल हैं। बूढ़ी दिवाली के दौरान रघुपुरघाटी के साथ सीमांत लगते मंडी जिले के लोगों ने देवता के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। संवाद