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बंजार में खीमी राम की एंट्री से बदल जाएंगे समीकरण

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संवाद न्यूज एजेंसी
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सैंज (कुल्लू)। पूर्व मंत्री कर्ण सिंह के निधन के बाद बंजार कांग्रेस दो गुटों में बंटी हुई है। एक गुट कर्ण सिंह के पुत्र व 2017 में कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशी रहे प्रदेश कांग्रेस सचिव आदित्य विक्रम सिंह का और दूसरा गुट बंजार कांग्रेस अध्यक्ष दुष्यंत ठाकुर के लिए टिकट की पैरवी कर रहा है। ऐसे में भाजपा छोड़कर कांग्रेस में आए पूर्व मंत्री खीमी राम शर्मा की एंट्री के बाद समीकरण भी बदल गए हैं । उनकी राह भी आसान नहीं है।
खीमी राम के पार्टी में आने से बंजार विस में कांग्रेस की स्थिति मजबूत दिख रही है। अगर तीनों नेताओं में आपसी समन्वय बैठता है तो जीत हासिल हो सकती है। आदित्य विक्रम सिंह पिछला चुनाव मात्र तीन हजार वोटों से हारे है। हार का मुख्य कारण भाजपा का बंजार क्षेत्र के धरतीपुत्र को टिकट दिया जाना माना गया। आदित्य के समर्थकों का मानना है कि इस बार धरतीपुत्र का फैक्टर काम नहीं करेगा। उधर, बंजार कांग्रेस अध्यक्ष दुष्यंत ठाकुर आठ वर्षों से अपने पक्ष में माहौल तैयार कर रहे हैं। भाजपा के सत्ता में आने के छह माह के भीतर ही कांग्रेस के समर्थन से जिला परिषद का चुनाव जीतने के बाद दुष्यंत के समर्थकों का हौसला भी बुलंद है।
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कांग्रेस समर्थक कहते हैं कि दुष्यंत भाजपा को टक्कर देने में सक्षम है। उनकी अगुवाई में पार्टी ने हर चुनाव जीता है। बताया जा रहा है कि कांग्रेस ज्वाइन करने के पीछे खीमी राम की टिकट की एकमात्र शर्त रही है। टिकट के तीन दावेदार खडेे़ होने से बिखराव को रोकना पार्टी आलाकमान के लिए चुनौती है। धरातल में संगठनात्मक तौर पर भाजपा कांग्रेस से कहीं आगे आंकी जा रही है। ऐसे में तीनों गुटों के बीच समन्वय बिठाने की स्थिति में ही कांग्रेस भाजपा का किला भेद सकती है।
अब सत्य प्रकाश पर भी रहेगी नजर
दो युवा नेताओं के बीच वरिष्ठ नेता के आने के बाद बंजार विस से विधायक रहे व पूर्व मंत्री सत्य प्रकाश ठाकुर की भूमिका भी अहम हो गई है। लगातार तीन चुनाव हारने के बाद भी बंजार विस में अभी भी उनके कट्टर समर्थकों की लंबी सूची है। ताजा घटनाक्रम के बाद अब सबकी नजर उनके समर्थन पर टिकी हुई है। टिकट के मामले में सत्य प्रकाश का समर्थन पाने वाले नेता का पलड़ा भारी रह सकता है। सत्य प्रकाश होलीलॉज के वफादार माने जाते हैं।
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पलायन कर आए नेताओं को पलकों पर बिठाती है कांग्रेस
बंजार कांग्रेस भी भाजपा से पलायन कर आए नेताओं को पलकों पर बिठाती है। वर्ष 2007 में भाजपा छोड़कर कांग्रेस में आए कुल्लू राजघराने के कर्ण सिंह के प्रति कांग्रेस का भारी स्नेह रहा। 2012 में कर्ण सिंह को कांग्रेस ने तत्कालीन वन मंत्री खीमी राम के खिलाफ बंजार विस क्षेत्र से मैदान में उतारा और 9,500 वोटों से विजयी बनाया। इसके बाद 2017 में उनके पुत्र आदित्य को भी टिकट दिया। इस बार खीमी राम भी टिकट के दावेदार माने जा रहे हैं।
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