आराध्य देवता जुआणी महादेव, देवता थान के मंदिर में जागरा जलाकर शुरू होगा उत्सव
मशाल को देव विधान से जलाकर जागरे के चारों ओर ढोल की थाप पर परिक्रमा करेंगे गूर
संवाद न्यूज एजेंसी
खराहल (कुल्लू)। जिला मुख्यालय कुल्लू के साथ सटी खराहल घाटी 30 दिसंबर को मशालों से जगमग होगी।
घाटी के आराध्य देवता जुआणी महादेव और देवता थान के मंदिर में दियाली उत्सव का आगाज जागरा जलाकर होगा। दोनों मंदिरों में कारकूनों और हारियानों की ओर से देवविधि से जागरा जलाया जाएगा।
बता दें कि सोमवार को जुआणी महादेव के मंदिर जुआणी, थरमाण और ग्राहण में जागरा को ढोल-नगाड़ों और करनाल की मंगल ध्वनि के बीच देव विधि से जलाया जाएगा। सबसे पहले देवता के गूर मशाल को देव विधान से जलाकर जागरे के चारों ओर ढोल की थाप पर परिक्रमा करेंगे। उसके पश्चात मशाल से जागरा को जलाने की रस्म को देवविधि से निभाया जाएगा।
देवता जुआणी महादेव के मंदिर में विशेष पूजा के साथ हारियान क्षेत्र के तमाम घरों में भी दियाली का पूजन जौ, अखरोट और भल्ले से होगा। घाटीवासी के लालचंद, जयचंद, मोहर सिंह, राजू और अमित आदि ने कहा कि सोमवार को दियाली उत्सव दोनों मंदिरों में मनाया जाएगा। 21 दिसंबर को थान देवता और देवता जुआणी महादेव के हारियानों के बीच गूण (विशेष प्रकार की घास से तैयार रस्सा) तोड़ने की देव रस्म भी निभाई जाएगी। देवता जुआणी महादेव के कारदार ओम प्रकाश महंत ने कहा कि देवता के स्वर्ग प्रवास के दौरान असुर शक्तियों को भगाने के लिए मंदिरों में अश्लील जुमलों का प्रयोग किया जाता है। उन्होंने कहा कि देव परंपरा के अनुसार ही देव परिपाटी को निभाया जाएगा। उत्सव के लिए मंदिर में तमाम तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। गौर रहे कि खराहल के साथ ऊझी घाटी में भी 30 दिसंबर को ही दियाली उत्सव मनाया जाएगा। इसके लिए घाटी वासियों ने सभी तैयारियां देव परंपराओं आर विधि-विधान के अनुसार पूरी कर दी हैं।