ऊझी घाटी के बड़ाग्रां में बन रहा कंचनजंगा हाइडल पॉवर प्रोजेक्ट बिजली उत्पादन के लिए तैयार हो चुका है। यह दावा प्रबंधन की ओर से किया जा रहा है। हालांकि, पिछली बार भी बिजली प्रोजेक्ट बन कर तैयार हो चुका था लेकिन परीक्षण के ऐन मौके पर प्रोजेक्ट के वॉटर पाइन फट गए थे। इससे इसके आसपास के क्षेत्रों पर खतरा मंडरा गया था लेकिन अब प्रबंधन का दावा है कि सभी खामियों को दूर कर प्रोजेक्ट बिजली निर्माण के लिए तैयार हो चुका है।
प्रोजेक्ट प्रबंधन को एचपीपीटीसीएल द्वारा फोजल से ग्रिड पहुंचाने का इंतजार है। ग्रिड के पहुंचते ही प्रोजेक्ट में 24 मेगावाट बिजली बननी शुरू हो जाएगी। राज्य सरकार के एनर्जी विभाग के चीफ ई. संजीव आर्य की टीम के सामने प्रोजेक्ट का ट्रायल किया गया है। ट्रायल में सब सही पाया गया। गत जनवरी माह में ट्रायल के दौरान कंचनजंगा पॉवर प्रोजेक्ट का ट्रायल के दौरान पेनस्ट्रोक फट गया था। इसके चलते सड़क को काफी नुकसान पहुंचा था।
प्रोजेक्ट के मैनेजर मनोज शर्मा ने बताया कि पेनस्ट्रोक फटने के बाद युद्धस्तर पर मेकेनिकल फाल्ट को दूर करने का प्रयास किया गया। सब कुछ ठीक हो जाने के बाद सरकार को हरी झंडी देने के लिए प्रोजेक्ट साइट पर पहुंचकर इसका ट्रायल करने का आग्रह किया गया। वहीं, एनर्जी विभाग के चीफ इंजीनियर संजीव आर्य ने बताया कि ट्रायल के दौरान कंचनजंगा प्रोजेक्ट सही पाया गया। उन्होंने कहा कि फोजल से ग्रिड बड़ाग्रां पहुंचने पर प्रोजेक्ट नियमित रूप से बिजली उत्पादन शुरू कर देगा।