कुल्लू दशहरा उत्सव के दौरान पहुंचे आनी के देवता।-संवाद
खराहल (कुल्लू)। आराध्य देवता जुआणी महादेव अपने देवालय से बुधवार दोपहर बाद देव महाकुंभ दशहरा के लिए ढोल की थाप पर रवाना हुए और दशहरा उत्सव में पहुंचे। इससे पहले जुआणी महादेव के मंदिर में पहुंची पीणी की माता भागासिद्ध भी दशहरा उत्सव के लिए लाव-लश्कर के साथ रवाना हुईं।
इनके अलावा माता काली ओड़ी अरछंडी, माता दशमी वारदा, देवता ब्रिंडू, राउगी नाग, छमाहणी नारायण सैकड़ों हारियानों के साथ दशहरा उत्सव में शामिल हुए।
बीते मंगलवार और बुधवार को देवी-देवता अपने मंदिर से निकले और शाम को रघुनाथ की चाकरी में शामिल हुए। माता दशमी वारदा के कारदार दोत राम ठाकुर ने कहा कि माता अपने मंदिर से पूजा-अर्चना के बाद सैकड़ों देवलुओं के साथ दशहरा उत्सव में भाग लेने के लिए निकलीं और रघुनाथ की रथ यात्रा में शामिल हुईं। सात दिनों तक अठारह करड़ू की सौह में अस्थायी शिविर में देवी-देवता विराजमान रहेंगे। संवाद