उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। घाटी के मेलिंग स्थित महादेव मंदिर में पहले जगराते का आयोजन हुआ। इस जगराते में साेमवार को सैकड़ों श्रद्धालुओं ने महादेव मंदिर में शीश नवाया। इस आयोजन में लाहौल के साथ जिला के बाहर रह रहे घाटी के लोग भी दर्शन पाने के लिए पहुंचे।
खास बात यह है कि इस मंदिर में आज के बदलते परिवेश के बीच महिलाएं मंदिर के भीतर प्रवेश नहीं करतीं हैं लेकिन अपनी मनोकामनाओं को लेकर मेलिंग महादेव मंदिर परिसर में महिला श्रद्धालुओं की अधिक भीड़ जुटती है। महिलाएं मंदिर के मुख्य द्वार पर नतमस्तक होकर मन्नतें मांगती हैं। पुजारी प्रताप ने बताया कि कि मेलिंग स्थित महादेव मंदिर में मन्नतें पूरी होने पर लोग यहां जगराते का आयोजन करते हैं। इस बार मेलिंग स्थित महादेव मंदिर में होंगे चार जगराते होंगे। महादेव मंदिर मेलिंग एक प्राचीन मंदिर है। उन्हाेंने कहा कि माना जाता है कि यह पवित्र स्थान भगवान महादेव का तपोस्थली है। मान्यता है कि माता सती ने पिता प्रजापति दक्ष के यज्ञ में महादेव का अपमान करने पर स्वयं को अग्नि में दहन किया था।
इससे महादेव रुष्ट हो गए और रौद्र रुप धारण किया था। देवताओं के मनाने पर भी नहीं माने और संसार से मोह भंग हो जाने पर वैरागी (संसार से विरक्त) होकर तपस्या में लीन हो गए।
ऐसे में इस स्थान को भगवान महादेव के तपोस्थली के नाम से जाना जाता है। बताया जाता है कि तपस्या के दौरान यहां कई शिवलिंगों की उत्पत्ति हुई, यह स्थान मणिमहेश से पहले का स्थान माना जाता है। कहा जाता है कि तपस्या भंग होने पर महादेव यहां से मणिमहेश गए थे।