होटलों में ताले, ऑटो-टैक्सी यूनियन के चालक खाली, रोजी-रोटी के लिए जूझ रहे स्नो ड्रेस वाले
चंडीगढ़-मनाली एनएच बंद होने से कटी मनाली की लाइफलाइन, संकट में हजारों लोगों का रोजगार
संवाद न्यूज एजेंसी
मनाली। बाढ़ और भूस्खलन से जर्जर हुईं सड़कों के साथ मनाली का पर्यटन कारोबार भी दम तोड़ने लगा है। जहां कभी चहल-पहल थी, वहां बीते 19 दिनों से सन्नाटा पसरा है।
होटलों में ताले लटक गए हैं, ऑटो-टैक्सी वाले खाली बैठे हैं। स्नो ड्रेस किराये पर देने वाले रोजी-रोटी के लिए जूझ रहे हैं। चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे के बंद होने से पर्यटन नगरी की लाइफलाइन ही कट गई है। हजारों परिवारों पर आर्थिक संकट मंडरा रहा है और दशहरे जैसे बड़े पर्यटन सीजन पर भी अनिश्चितता का साया गहराने लगा है। मनाली में होटल व्यवसाय से लेकर साहसिक गतिविधियों सहित टैक्सी, ऑटो और वोल्वो बस सेवाएं बंद हैं। गत दिनों भारी बारिश के चलते बाढ़ और जगह-जगह भूस्खलन से आई आपदा से न केवल संपत्तियों को नुकसान हुआ है बल्कि मनाली का पर्यटन व्यवसाय भी पिट गया है। पर्यटन कारोबार में अहम भूमिका निभाने वाली वोल्वो बसों की आवाजाही भी मंडी तक ही हो रही है।
मनाली में अभी तक बिलजी-पानी और संपर्क मार्गों को अस्थायी तौर पर बहाल किया गया है। पर्यटन व्यवसायियों का मानना है कि मनाली पर्यटन की लाइफलाइन चंडीगढ़ मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग है। होटल संचालक रोशन ने बताया कि टूटी सड़कों के साथ बेहतर पर्यटन कारोबार की उम्मीद नहीं की जा सकती है।
होटलियर गजेंद्र ठाकुर ने कहा कि आपदा से पर्यटन व्यवसाय चौपट हो गया है। उन्हें नहीं लगता कि एनएचएआई मंडी-मनाली नेशनल हाईवे को समय पर सही कर पाएगा। ऐसे में दशहरा सीजन पर भी संकट के बादल मंडराने लगे हैं। आपदा के दौरान जिस तरह से रोड कनेक्टिविटी टूटी है। अगर वह नहीं सुधरी तो आने वाले समय में भी पर्यटन कारोबार करना मुश्किल हो जाएगा।
स्नो ड्रेस का कारोबार करने वाले जिमी ने बताया कि आपदा के दौरान जिस तरह से रास्ते टूटे हैं, उन्हें देखकर कुछ नहीं कहा जा सकता कि कब ये रास्ते बनेंगे और कब दोबारा से व्यवसाय उठेगा। ऑटो यूनियन मनाली के प्रधान मोती राम ने बताया कि पर्यटन कारोबार चौपट है। काफी लोगों ने ऑटो बैंक लोन पर खरीदे हैं और अब लोन की किस्ते भरना भी मुश्किल हो गया है।