मनाली में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन कार्यशाला में बताए गए नियम
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संवाद न्यूज एजेंसी
मनाली। स्वच्छ भारत मिशन के तहत नगर परिषद मनाली ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया। प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन प्रदेश सरकार की ओर से अधिकृत फीडबैक फाउंडेशन चैरिटेबल ट्रस्ट ने किया।
कार्यशाला में स्वच्छता कर्मियों, स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों, शिक्षकों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, मनाली व्यापार मंडल और होटल एसोसिएशन के प्रतिनिधियों सहित नगर परिषद के कर्मचारियों ने भाग लिया। फीडबैक फाउंडेशन चैरिटेबल ट्रस्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) अजय सिन्हा ने प्रतिभागियों को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के महत्व की जानकारी दी। उन्होंने सूखे और गीले कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन, प्रसंस्करण प्रणालियों की प्रभावशीलता तथा स्वच्छता बनाए रखने में जनसहभागिता और व्यवहार परिवर्तन की अहम भूमिका पर चर्चा की।
उन्होंने बताया कि वर्तमान नियमों के अनुसार घरों में कचरे का चार श्रेणियों में पृथक्करण अनिवार्य किया गया है। इनमें गीला कचरा, सूखा कचरा, घरेलू बायोमेडिकल कचरा तथा विशेष देखभाल वाले अपशिष्ट शामिल हैं। उन्होंने कहा कि स्रोत स्तर पर कचरे का सही पृथक्करण ही प्रभावी अपशिष्ट प्रबंधन की आधारशिला है।
कार्यशाला का उद्देश्य जमीनी स्तर पर कार्य कर रहे कर्मचारियों और सामुदायिक प्रतिनिधियों की क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ कचरा पृथक्करण एवं उसके वैज्ञानिक निस्तारण के प्रति जागरूकता पैदा करना था। कार्यक्रम में करीब 56 प्रतिभागियों ने भाग लिया।