कुल्लू। साक्षात्कार पत्रकारिता में एक विश्वसनीयता का प्रमाणिक स्रोत होता है, जिसके माध्यम से महत्वपूर्ण जानकारी हासिल होती है। यह बात किशन श्रीमान ने राजकीय महाविद्यालय पनारसा में फील्ड स्टडी एवं साक्षात्कार पर आधारित एक दिवसीय कार्यशाला में कही। उन्होंने विद्यार्थियों को साक्षात्कार के प्रकार, तकनीक, टूल्ज तथा पाठ लेखन की महत्वपूर्ण जानकारी दी।
कहा कि पत्रकारिता ही नहीं, बल्कि हर विधाओं में साक्षात्कार की तकनीक में कला, शब्दावली, तैयारी और सुनना महत्वपूर्ण पहलू होते हैं। साक्षात्कार की भाषा सरल होनी आवश्यक है। साक्षात्कार लेखन में दोहराव, आपत्तिजनक, असांविधानिक शब्दों का दुरुपयोग नहीं किया जाना चाहिए। वर्तमान डिजिटल युग में कैमरा तथा रिकॉर्डिंग के अनेक माध्यम हैं, लेकिन पेन-पेपर तकनीक आज की उतनी ही सार्थक है, जितनी पूर्व में थी। इस दौरान प्राचार्य डॉ. उरसेम लता, बिंदु सूर्यवंशी, महेंद्र, रंगकर्म नरेंद्र आदि उपस्थित रहे। संवाद