नित्थर (कुल्लू)। नित्थर के पढ़ौर गांव के अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज जितेंद्र ठाकुर युवाओं के लिए एक प्रेरणास्रोत बन गए हैं। वे युवाओं को नशे से दूर रहने और खेलों में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए लगातार जागरूक करते हैं। उनका मानना है कि खेल युवाओं को सही दिशा दे सकते हैं और उन्हें नशे की गिरफ्त से बचा सकते हैं।
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उनके पिता कल्याण सिंह ठाकुर किसान और माता मंजू ठाकुर गृहिणी हैं। जितेंद्र ठाकुर ने हाल ही में अंतरराष्ट्रीय पेशेवर मुक्केबाजी चैंपियनशिप 2026 जीतकर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उन्होंने अपने कॅरिअर में कई राष्ट्रीय और क्षेत्रीय पदक हासिल किए हैं, जिससे वे युवाओं के लिए प्रेरणा बन गए हैं। बचपन से मुक्केबाज बनने की उनकी चाहत कॉलेज में पूरी हुई।
जितेंद्र ठाकुर ने हिमाचल और पंजाब में हुई पेशेवर मुक्केबाजी प्रतियोगिताओं में भी जीत दर्ज की है। उन्होंने छह बार वरिष्ठ मुक्केबाजी के लिए क्वालीफाई किया और दो पदक जीते। वर्ष 2020 में बद्दी, हिमाचल प्रदेश में हुई एलीट पुरुष राष्ट्रीय मुक्केबाजी चैंपियनशिप में उन्होंने कांस्य पदक जीता।
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2019 में ओडिशा के भुवनेश्वर में आयोजित खेलो इंडिया विश्वविद्यालय मुक्केबाजी चैंपियनशिप में भी उन्हें कांस्य पदक मिला। मेरठ में हुई अखिल भारतीय विश्वविद्यालय मुक्केबाजी चैंपियनशिप में भी उन्होंने कांस्य पदक प्राप्त किया। जितेंद्र ने एलीट पुरुष उत्तर क्षेत्र मुक्केबाजी चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक अपने नाम किया। उन्होंने गुजरात में राष्ट्रीय खेलों में भी हिस्सा लिया, जहां वे क्वार्टर फाइनल में पहुंचने से चूक गए। जितेंद्र ठाकुर ने बीएससी भौतिकी की पढ़ाई डिग्री कॉलेज रामपुर से की है। वर्तमान में, वे रामपुर के ज्यूरी में सांख्यिकी सहायक के पद पर कार्यरत हैं। उनका कार्य महिला सशक्तीकरण और सामाजिक न्याय से जुड़ा है।