सैंज (कुल्लू)। जुलाई में पिन पार्वती नदी में आई बाढ़ के बाद असुरक्षित बक्शाहल गांव का मंगलवार को प्रशासन ने निरीक्षण किया। नायब तहसीलदार सैंज हीरा लाल नलवा की अध्यक्षता में विभिन्न विभागों के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की टीम ने मौके पर पहुंच कर वास्तविक स्थिति का जायजा लिया।
पिछले साल जुलाई में गांव के तीन घरों को नदी ने अपनी जद में ले लिया था। नदी किनारे स्थित मकानों के दोनों तरफ नदी के बहने से मकान टापू में फंस गए थे। ग्रामीणों ने खतरे को देखते हुए यहां रहना छोड़ दिया है। छह माह से ये मकान वीरान पड़े हुए हैं। बुधराम, दोत राम सहित अन्य ग्रामीणों की मांग पर उपायुक्त आशुतोष गर्ग ने संयुक्त निरीक्षण के आदेश दिए थे।
निरीक्षण टीम को ग्रामीणों ने अपनी समस्या भी बताई। बुधराम ने कहा कि बाढ़ से उनकी सैकड़ों बीघा उपजाऊ भूमि बह गई। ग्रामीणों ने घरों और जमीन के मुआवजे के अलावा यहां नदी के तटीकरण के तहत सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध करवाने की मांग उठाई।
नायब तहसीलदार सैंज हीरा लाल नलवा ने कहा कि बक्शाहल गांव को बाढ़ के बाद हुए खतरे तथा नुकसान को लेकर संयुक्त निरीक्षण किया। मौके की रिपोर्ट जल्द तैयार कर उपमंडल अधिकारी बंजार को सौंप दी जाएगी। संवाद
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