केलांग में मरे हुए आइबैक्स को जलाते वन विभाग के कर्मचारी।
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केलांग (लाहौल-स्पीति)। अपने झुंड से बिछड़ कर दालंग गांव में घुस आए जख्मी आइबैक्स ने शुक्रवार को केलांग में दम तोड़ दिया। पशुपालन विभाग के चिकित्सक की ओर से पूरी कोशिश करने के बावजूद आइबैक्स नहीं बच सका।
बताया जा रहा है कि पहले से ही जख्मी और बीमार होने के कारण यह आइबैक्स अपने झुंड से अलग हो गया था। आइबैक्स के शरीर में कुत्तों के काटने के भी निशान मिले। वन विभाग के कर्मियों के मुताबिक इससे पहले यह आइबैक्स बर्फानी तेंदुए का भी शिकार होते बचा है। दरअसल तीन दिन पहले एक आइबैक्स गोंदला पंचायत के दालंग गांव के एक घर की बालकनी में पहुंच गया था। ग्रामीणों ने आइबैक्स को सुरक्षित जंगल की तरफ छोड़ने के लिए बहुत कोशिश की। इस बीच आइबेक्स पर कुछ लावारिस कुत्ते झपट पड़े। आइबैक्स के शरीर में कुत्तों के काटने के कई निशान भी मिले। हालांकि वन विभाग के कहने पर ग्रामीणों ने घायल आइबैक्स को अपने घर में पनाह दी। इस दौरान पशुपालन के चिकित्सक ने आइबैक्स को इंजेक्शन भी लगाए। दूसरे दिन तबीयत और बिगड़ने से आइबैक्स को केलांग लाया गया, जहां उसने बाद में दम तोड़ दिया। पशु चिकित्सक डॉक्टर आशीष का कहना है कि आइबैक्स करीब 18 से 19 साल का था, जिसे बुजुर्ग माना जाता है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का पता चल सकेगा। उधर, वन परिक्षेत्र अधिकारी हेम राज ने कहा की मृत आइबेक्स को शुक्रवार को कमेटी की देखरेख में पूरी कानूनी प्रक्रिया के साथ जला दिया।