कुल्लू। भुंतर से मनाली तक किराये पर कमरे दिलाने के नाम पर सोशल मीडिया के जरिये कथित वसूली की जा रही है। कुछ सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर कमरा उपलब्ध करवाने की आड़ में किरायेदारों से हजारों रुपये वसूल रहे हैं। इससे जरूरतमंद लोगों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
सोशल मीडिया पर किराये के कमरों के वीडियो डालकर लोगों को आकर्षित किया जाता है। इसके बाद कमरा देखने के लिए पहुंचने वाले लोगों को सीधे मकान मालिक से संपर्क नहीं करवाया जाता। यह पूरी प्रक्रिया इन्फ्लुएंसर के माध्यम से करवाई जाती है। इसका एक स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। इसमें इन्फ्लुएंसर की ओर से कमरा दिखाने के नाम पर ही किराये की आधी रकम तक वसूले जाने की बात कही गई है।
यदि कमरे का मासिक किराया 5,000 रुपये है, तो किरायेदार से 2,500 रुपये एक बार इन्फ्लुएंसर वसूल रहा है। कुछ इन्फ्लुएंसर मकान मालिक से भी सोशल मीडिया पर उनके कमरे या मकान का प्रचार करने के नाम पर पैसे ले रहे हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि सोशल मीडिया पर सेवा के नाम पर आखिर यह वसूली क्यों हो रही है। कुल्लू में हर साल दूरदराज के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में बच्चे पढ़ाई और रोजगार के लिए पहुंचते हैं।
ऐसे लोगों को किराये पर कमरा ढूंढने में पहले ही परेशानी होती है। अब सोशल मीडिया के माध्यम से कमरे दिलाने के नाम पर कथित तौर पर पैसे वसूले जाने से उनकी मुश्किलें और बढ़ रही है। मान सिंह, देवी सिंह, कर्म सिंह, अमित कुमार, देवी चरण, पवन और दीपक कुमार ने बताया कि सोशल मीडिया पर वीडियो डालकर इन्फ्लुएंसर कमाई कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि जिस व्यक्ति को कमरा उपलब्ध करवाया जा रहा है, उससे भी किराये की आधी रकम ले रहे है। लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस मामले की जांच की जाए और जरूरतमंद लोगों से कमरा उपलब्ध करवाने के नाम पर हो रही कथित वसूली पर रोक लगाई जाए। संवाद