शिंकुला टनल और बीआरओ बेस कैंप तक पहुंचा जियो का नेटवर्क
बीआरओ बेस कैंप और शिंकुला टनल क्षेत्र में चलेगा 4जी नेटवर्क
अशोक राणा
केलांग (लाहौल-स्पीति)। जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति और लद्दाख की सीमाओं को जोड़ने वाले 16800 फीट ऊंचे शिंकुला दर्रे पर अब मोबाइल की घंटी बजने लगी है।
रिलायंस जियो ने 4जी एलटीई नेटवर्क का विस्तार कर बीआरओ बेस कैंप और शिंकुला टनल क्षेत्र में स्मॉल सेल साइट स्थापित की है। यह क्षेत्र अब तक नो कवरेज जोन या जीरो नेटवर्क एरिया के रूप में जाना जाता रहा है। जियो देश की पहली मोबाइल सेवा प्रदाता कंपनी बन गई है जिसने इस अत्यंत दुर्गम और इतनी ऊंचे क्षेत्र में मोबाइल कनेक्टिविटी पहुंचाई है। समुद्रतल से लगभग 16,800 फीट की ऊंचाई पर नेटवर्क स्थापित करना तकनीकी, भौगोलिक और पर्यावरणीय दृष्टि से अत्यंत चुनौतीपूर्ण रहा। बर्फ से ढकीं चोटियों, अत्यधिक ठंड और ऑक्सीजन की कमी के बावजूद जियो टीम ने यह मिशन सफलतापूर्वक पूरा किया। जियो टीम के इस सराहनीय कार्य का नेतृत्व लख्तावर सिंह ने किया। इनकी देखरेख में टीम ने सीमा सड़क संगठन के सहयोग से यह उपलब्धि हासिल की।
अब इस क्षेत्र में 4 जी नेटवर्क उपलब्ध होने से भारतीय सेना, बीआरओ और सीमा सुरक्षा बलों को संचार सुविधा मिलेगी। इससे आपातकालीन परिस्थितियों, बचाव अभियानों और सड़क रख-रखाव कार्यों में तेजी आएगी। भूस्खलन और बर्फीले तूफानों के समय भी तत्काल मदद मुहैया हो सकेगी।
इसके अलावा यह नेटवर्क स्थानीय व्यावसायियों और होमस्टे मालिकों के लिए भी वरदान साबित होगा। अब लोग इतनी ऊंचाई पर भी डिजिटल भुगतान और ऑनलाइन बुकिंग जैसी सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे। रिलायंस जियो ने इस परियोजना की सफलता का श्रेय अपने एचपी सर्कल लीडरशिप टीम सीईओ गौरव कुमार और सीटीओ धीरेंद्र कुमार को दिया जिनके मार्गदर्शन और समन्वय से यह कार्य रिकॉर्ड समय में संभव हो सका।