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Video: उम्मीद खत्म हुई तो ग्रामीणों ने खुद बना लिया विकास का रास्ता, गाड़ियां गांव पहुंची तो मनाया जश्न

Tue, 12 May 2026 11:12 AM IST
Ankesh Dogra अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

कहते हैं जहां सरकारों की पहुंच धीमी पड़ जाती है, वहां जनता अपनी ताकत से इतिहास रच देती है। कुल्लू जिले की दियार पंचायत के शेगलीधार गांव में कुछ ऐसा ही देखने को मिला, जहां ग्रामीणों ने एकजुट होकर सिर्फ 14 दिनों में करीब 4 किलोमीटर सड़क का निर्माण कर विकास की नई मिसाल पेश की है। पढ़ें पूरी खबर...
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शेगलीधार गांव में ग्रामीणों ने बनवाई सड़क। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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दियार पंचायत के शेगलीधार गांव के लोगों ने जनशक्ति, एकजुटता और सामूहिक संकल्प का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत करते हुए बोनाआगे (प्रोहाधार) से क्लासीवाई वाया शेगलीधार तक लगभग 4 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण कार्य मात्र 14 दिनों में निजी खर्चे से सफलतापूर्वक पूरा कर लिया। इस उपलब्धि ने पूरे क्षेत्र में ग्रामीण एकता और सहयोग की नई मिसाल कायम कर दी है। 

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रविवार को इस नवनिर्मित सड़क का भव्य उद्घाटन पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुआ। इस विकास कार्य की नींव 26 अप्रैल 2026 को प्रोहाधार में आयोजित शांघड़ी जन सहयोग समिति की महत्वपूर्ण बैठक में रखी गई थी। बैठक में सड़क निर्माण को गति देने के लिए विस्तृत कार्ययोजना बनाई गई तथा समिति के पदाधिकारियों का चयन किया गया। इसमें जयमल सिंह को अध्यक्ष, भादर सिंह को उपप्रधान, डॉ. हेम राज भारद्वाज को सचिव और अजय कुमार को कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई।

समिति ने कार्य को समयबद्ध और पारदर्शी ढंग से पूरा करने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए। मशीन ऑपरेटर के भोजन और रहने की व्यवस्था से लेकर सहयोग राशि के समय पर संकलन तक सभी व्यवस्थाएं ग्रामीणों ने स्वयं संभालीं। यहां तक कि सड़क निर्माण में बाधा डालने वालों से पूरा भुगतान करवाने जैसे कड़े फैसले भी लिए गए। उद्घाटन समारोह के दौरान देवता के गुर अमर नाथ और बुद्ध नाथ द्वारा सड़क का विधिवत पूजन किया गया। क्षेत्र की परंपरा के अनुसार गांव के सबसे बुजुर्ग व्यक्ति खूबराम ने रिबन काटकर मार्ग को जनता को समर्पित किया।
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नारियल फोड़कर शुभारंभ किया गया और ढोल-नगाड़ों की थाप पर गाड़ियों का काफिला क्लासीवाई तक पहुंचा। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के अवसर पर ग्रामीणों ने क्लासीवाई स्थित बावड़ी (जल स्रोत) का भी पूजन किया और तीन वर्षों से मलवे में दबी बावड़ी का पानी दोबारा खोला। इसके बाद सभी ग्रामीणों के लिए चाय और हलवे का जलपान आयोजित किया गया। खुशी के माहौल में स्थानीय लोगों ने पारंपरिक ‘नाटी’ डालकर अपनी प्रसन्नता व्यक्त की। ग्रामीणों ने इस अभियान को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाने वाले सचिव डॉ. हेम राज भारद्वाज का विशेष आभार व्यक्त करते हुए उन्हें सम्मानित किया। वहीं कठिन परिस्थितियों में कार्य करने वाले मशीन ऑपरेटर को भी टोपी और स्टॉल पहनाकर सम्मानित किया गया।

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इस कार्य में दयाल चंद का विशेष मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। डॉ. हेम राज भारद्वाज ने भावुक होकर कहा कि इस अभियान को सफल बनाने में दिले राम, ज्ञान चंद, डिम्पू, अशु, टिकम राम, राज कुमार, लीला देवी, कमल शर्मा, रोनी, इंदिरा देवी, भीम सेन, ओम प्रकाश, देव राज, दिनेश कुमार, राजू, मोहन, गुडु राम, बुध नाथ, ढाले राम और पुरख चंद सहित अनेक ग्रामीणों का अमूल्य योगदान रहा।

सचिव ने बताया कि ग्रामीणों द्वारा 5 मई तक सहयोग राशि जमा करवाने और कार्यस्थल पर भूमि मालिकों की स्वयं उपस्थिति के कारण ही यह कार्य बेहद कम समय में सुचारू रूप से पूरा हो सका। इस अवसर पर प्रधान जयमल सिंह, उपप्रधान भादर सिंह, कोषाध्यक्ष अजय कुमार सहित लगभग 100 ग्रामीण उपस्थित रहे।
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