बंजार में बूढ़ी दिवाली के मौके पर मशाले लेकर देवनृत्य करते देवलू।
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जिला कुल्लू में जगह-जगह दिवाली पर्व को धूमधाम से मनाया गया। बंजार घाटी के साथ बाह्य सराज, आनी और निरमंड में देवी-देवताओं के सम्मान में दिवाली उत्सव को परंपरा के तहत मनाया गया। इसी के तहत देवता खुडीजल के देवालय देहुरी में दो दिवसीय दिवाली पर्व संपन्न हुआ। देवता खुडीजल के सम्मान में आयोजित दिवाली में देवता खुडीजल ने देवालय से बाहर निकाल गांव की परिक्रमा कर लोगों को सुख शांति का आशीर्वाद दिया है। इस मौके पर देवता की वास स्थली देहुरी में अग्निकुंड जलाकर देवनृत्य भी किया तथा देवता संग देवलु भी जमकर नाटी में झूमे।
देवता के कारदार शेर सिंह, पुजारी पूर्ण शर्मा, शेर सिंह शर्मा हरियान इंद्र सिंह, कमलू राम, तिलक राज, खेम सिंह ने कहा कि हर साल की तरह देवता खुडीजल के देवालय देहुरी में दिवाली पर्व को मनाया गया है। वहीं, इस मौके पर चार गांव बालू, करशाला, फनौटी तथा कोलथ के अलावा देवता खुडीजल के 90 मुजारों ने सूखे से परेशान होकर खुडीजल से बारिश की गुहार की है। करीब आधा घंटे तक चली इस प्रक्रिया में देवता खुडीजल को चार गांव के लोगों तथा 90 मुजारों को बारिश के लिए चार दिन का समय दिया है। सीमांत लगते मंडी जिला के बिहनी गांव में भी दिवाली उत्सव को मनाया गया है। मंगलवार रात को गांव के लोगों ने एकत्र होकर नाटी डालकर मनोरंजन किया।