कुल्लू। कुल्लू के अटल सदन में आयोजित कवि सम्मेलन और साहित्यिक गोष्ठी में कवियों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। भाषा एवं संस्कृति विभाग की ओर से सोमवार को अटल सदन में साहित्यिक गोष्ठी और कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जिलेभर से 25 युवा और वरिष्ठ कवि-कवयित्रियों ने भाग लेकर अपनी रचनाओं से कार्यक्रम को यादगार बना दिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता साहित्यकार डॉ. सूरत ठाकुर ने की। कवि सम्मेलन का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ, जिसके बाद ब्यास संस्कृत महाविद्यालय की छात्राओं ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
काव्यपाठ की शुरुआत नवोदित कवि सूर्यांश शर्मा ने ‘सुनो जरा तुम कभी हारना मत’ कविता से की, जिसमें सकारात्मक सोच का संदेश दिया गया। युवा कवयित्री श्रुति ठाकुर ने ‘मर्यादा में रहोगे तो जानो’ कविता प्रस्तुत की। सोमलता ने ‘नुवां संवत’ और कवयित्री इशिता गिरीश ने ‘कुआं नमक’ व्यंग्य कविता से श्रोताओं को प्रभावित किया।
गायक दोत राम पहाड़िया ने ‘कल्लू री बेटड़ी बड़ी बांकी’ कविता के माध्यम से स्थानीय संस्कृति की झलक पेश की, वहीं डॉ. ओम कुमार शर्मा ने ‘काल कर्म का द्वंद्व’ जैसी रहस्यमयी रचना सुनाकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
मोनिका ठाकुर ने मां को समर्पित भावुक कविता सुनाई, जबकि रजनी ठाकुर, अनुरंजनी गौतम, यशपाल ठाकुर और अमरा देवी ने भी अपनी-अपनी रचनाओं से कार्यक्रम में रंग भरा।
इस मौके पर जिला भाषा अधिकारी प्रोमिला गुलेरिया और सहायक लोक संपर्क अधिकारी जय प्रकाश शर्मा सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।