कुल्लू। जिला में बार-बार नदी किनारे उतर कर जान जोखिम में डालने वाले पर्यटकों को अब आठ दिन की कैद और 5000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। उपायुक्त कुल्लू तोरूल एस रवीश ने हिमाचल प्रदेश पुलिस अधिनियम, 2007 की धारा 111 के अंतर्गत आदेश जारी किए हैं। जिसमें कहा गया है कि पर्यटक जिला प्रशासन की चेतावनी के बाद भी काफी संख्या में ब्यास, पार्वती, सरवरी व तीर्थन नदी के किनारे उतर कर सेल्फी और वीडियो बना कर जान जोखिम में डाल रहे हैं। जिसको लेकर उन्होंने आदेश जारी किए हैं।
उन्होंने इस दौरान कहा है कि देखा गया है कि पर्यटक बजौरा से सोलंग नाला, भुंतर से मणिकर्ण और बंजार में तीर्थन नदी के किनारों पर तस्वीरें, सेल्फी लेने के लिए जा रहे हैं, जिससे हादसा हो सकता है। गौरतलब है कि कि अमर उजाला में दो दिनों से लगातार ब्यास और पार्वती नदी के साथ-साथ तीर्थन नदी में उतर रहे पर्यटकों को लेकर प्रशासन की कार्रवाई पर भी सवाल खड़े किए थे। जिसके चलते अब प्रशासन हरकत में आया है।
यहां भी खतरा जताया
उपायुक्त की ओर से जारी आदेश में यह भी खतरा जताया है कि कुछ होटलों एवं रेस्टोरेंट ने भी नदी किनारे खुले में बैठने की व्यवस्था और ओपन-एयर कैफे बना रखे हैं, जो अचानक जल स्तर बढ़ने की स्थिति में जानलेवा साबित हो सकते हैं। पूर्व में भी ऐसा देखने में आया है कि इस प्रकार की लापरवाही के कारण कई लोगों की डूबने से की मौत हो चुकी है।उपायुक्त तोरूल एस रवीश ने आदेश में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ पुलिस, पर्यटन विभाग सहित संबंधित एजेंसियों को आदेश दिए हैं कि वे पर्यटकों की सुरक्षा के लिए उचित कदम उठाएं।