कुल्लू। अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव में इस बार बजंतरी, गूर, कारदार और देवताओं के अन्य कारकूनों के लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी। 21 से 27 अक्तूबर तक होने वाले उत्सव के दौरान इनके पहचान पत्र बनाए जाएंगे। साथ ही कलाकेंद्र में बैठने के लिए भी अलग से व्यवस्था की जाएगी।
कुल्लू दशहरा उत्सव समिति की ओर से देव संस्कृति से जुड़े लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। दशहरा उत्सव समिति के अध्यक्ष एवं सदर विधायक सुंदर सिंह ठाकुर ने बताया कि जिले के विभिन्न क्षेत्रों से ढालपुर पहुंचने वाले देवताओं के कारकून, बजंतरी, गूर और कारदारों के लिए विशेष व्यवस्था रहेगी।
उन्होंने कहा कि कुल्लू दशहरा अपनी अनूठी देव संस्कृति के लिए देश-दुनिया में पहचान रखता है। इस संस्कृति को संजोए रखने में देवताओं के कारकूनों की महत्वपूर्ण भूमिका है। पहचान पत्र जारी होने से इन्हें कलाकेंद्र में प्रवेश और बैठने की सुविधा मिल सकेगी।
देवताओं के देवलू लंबे समय से अपने लिए विशेष पहचान पत्र जारी करने और कलाकेंद्र में बैठने की व्यवस्था करने की मांग उठा रहे थे। इसी को देखते हुए इस बार दशहरा उत्सव समिति ने इनके लिए अलग व्यवस्था करने का निर्णय लिया है। संवाद