बारिश के बीच कुमार सहिल, रवि नेहमा समेत लोक कलाकारों ने बांधा समां
पोरी मेले की आखिरी सांस्कृतिक संध्या में लाहौली लोकनृत्य ने डाला पारंपरिक रंग
संवाद न्यूज एजेंसी
उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। त्रिलोकनाथ में आयोजित तीन दिवसीय राज्य स्तरीय पोरी मेले की अंतिम संध्या यादगार बन गई। रिमझिम बारिश के बीच मंच पर जब कुमार साहिल की आवाज गूंजी तो दर्शकों का उत्साह दोगुना हो गया।
मैं तो एवें एवें लुट गया और मेरा भोला है भंडारी, हाई नी हुंण शर्ता लागे, जय जय शिव शंकर जैसे गीतों पर दर्शक झूम उठे। इस संध्या में लाहौल, कुल्लू, चंबा, हमीरपुर और सिरमौर से आए कलाकारों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से पोरी मेले को संगीतमय विदाई दी।
लाहौल के मशहूर लोक गायक रवि नेहमा, आकाश लोंचेंपा, अनिल सूर्यवंशी, दीपिका लाल ने भी प्रस्तुति दी। रवि नेहमा ने भी अंतिम सांस्कृतिक संध्या में खूब धमाल मचाया। कलाकारों की प्रस्तुतियों पर पंडाल में मौजूद दर्शक रिमझिम बारिश फुहारों के बीच खूब झूमे। एसी भारद्वाज सहित कुल्लू से ट्विंकल, सिरमौर से दीपक चौहान, हमीरपुर से हंसराज ने भी समां बांधा। चंबा से सुनील कुमार ने शिव कैलाशोंं के वासी से अपनी प्रस्तुति शुरू की और उसके बाद धूड़ूआ जट्टा बो खलारी ओ, आ सामिया, रुप्णुआ लाहौल मत जान्दा, मेरी जान रलिया बो खैरा मेला आदि गीतों की प्रस्तुति ने दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया।
महिला मंडल हिंसा ने लाहौली लोकनृत्य की प्रस्तुति दी। महिला मंडल बरदंग, गरजा पीति कला संगम सहित कई महिला मंडल व स्थानीय कलाकारों ने प्रस्तुति दी। अंतिम संध्या में पोरी मेला कमेटी अध्यक्ष एवं एसडीएम उदयपुर अलीशा चौहान, डीएसपी केलांग रश्मि शर्मा सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।