कुल्लू के क्षेत्रीय अस्पताल में एबुलेंस सेवा 102 के वाहन को स्टार्ट करने के लिए धक्का मारते हुए
कुल्लू अस्पताल की पार्किंग से लगभग 150 मीटर तक धक्का मारते ले गए कर्मचारी
स्वास्थ्य सेवाओं का हाल ... आपात स्थिति में गर्भवती महिलाओं को कैसे मिलेगी सुविधा
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। मरीजों की नब्ज टटोल उपचार की सुविधा देने वाला स्वास्थ्य विभाग स्वयं बीमार चल रहा है। क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में 102 एंबुलेंस सेवा खटारा हो गई हैं।
एंबुलेंस को स्टार्ट करने में वीरवार दोपहर 01:30 बजे चालक और अन्य कर्मचारियों के ठंड के बीच खूब पसीने छूटे। अस्पताल की पार्किंग से करीब 150 मीटर तक सड़क पर धक्का मारने के बाद भी यह एंबुलेंस स्टार्ट नहीं हो पाई।
अब इससे खुद ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि सेवा जननी सुरक्षा योजना और जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम के तहत पात्र गर्भवती महिलाओं और नवजात बच्चों को आपातकालीन स्थिति में कैसे उपचार सुविधा मिल पाएगी। 24 घंटे सेवा में रहने वाली एंबुलेंस के स्टार्ट न होने की सूरत में मरीज को अस्पताल लाना और अस्पताल से वापस ले जाने में तीमारदारों को मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। इससे मरीजों को समय पर उपचार भी नहीं मिल पाएगा। हालांकि, इससे पहले भी 108 एंबुलेंस की हालत भी ऐसी ही मिली है। अस्पताल में आपातकालीन स्थिति में मरीजों को अस्पताल लाने तथा पहुंचाने की सेवा में लगी एंबुलेंस अगर समय पर स्टार्ट ही न हो तो मरीजों को कैसे बेहतर उपचार सुविधा मिल पाएगी। इस संबंध में सीएमओ कुल्लू डाॅ. एनआर पवार ने कहा कि 108 और 102 एंबुलेंस की सेवा दे रही कंपनी इसकी रिपेयर करती है।
क्या है 102 एंबुलेंस सेवा
102 एंबुलेंस सेवा जननी सुरक्षा योजना और जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम के तहत आती है। यह सेवा गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं और उनकी माताओं के लिए है। यह सेवा मरीज को प्राथमिक उपचार देती है और उसे नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र या सरकारी अस्पताल में पहुंचाती है। 102 एंबुलेंस सेवा गर्भवती महिलाओं को प्रसव के लिए आवास से स्वास्थ्य संस्थान और प्रसव के बाद घर वापसी करवाती है।